नई दिल्ली। भारत सरकार द्वारा देश के वरिष्ठ राजनेता, शिक्षाविद् और अनुभवी प्रशासक भगत सिंह कोश्यारी को पद्म भूषण सम्मान से सम्मानित किए जाने की घोषणा की गई है। यह सम्मान उनके दीर्घ सार्वजनिक जीवन, जनसेवा और राष्ट्र के प्रति समर्पण की स्वीकृति माना जा रहा है।
जीवन परिचय
भगत सिंह कोश्यारी का जन्म उत्तराखंड के बागेश्वर जनपद में हुआ। प्रारंभिक जीवन सादगी और अनुशासन में बीता। उन्होंने अपनी प्रारंभिक एवं उच्च शिक्षा उत्तराखंड में ही ग्रहण की और आगे चलकर शिक्षा के क्षेत्र में कार्य करते हुए अध्यापन को अपना पेशा बनाया। एक शिक्षक के रूप में उन्होंने विद्यार्थियों में अनुशासन, राष्ट्रप्रेम और सामाजिक जिम्मेदारी के संस्कार विकसित किए।
सार्वजनिक और राजनीतिक जीवन
शिक्षक रहते हुए ही उनका झुकाव समाज और राष्ट्र से जुड़े विषयों की ओर हुआ, जिसके बाद उन्होंने सार्वजनिक जीवन में कदम रखा। राजनीति में प्रवेश करने के बाद उन्होंने संगठनात्मक कार्यों से लेकर शासन और प्रशासन तक विभिन्न दायित्वों का निर्वहन किया।
अपने राजनीतिक जीवन में वे उत्तराखंड के मुख्यमंत्री, संसद सदस्य तथा बाद में राज्यपाल जैसे महत्वपूर्ण पदों पर रहे। प्रत्येक पद पर रहते हुए उन्होंने सादगी, स्पष्ट विचार और संवैधानिक मर्यादा का पालन किया।
हिंदी और विचारधारा
भगत सिंह कोश्यारी हिंदी भाषा, साहित्य और भारतीय संस्कृति के प्रति विशेष लगाव रखते हैं। उनके वक्तव्यों और लेखन में राष्ट्रवाद, लोकतांत्रिक मूल्य और सामाजिक चेतना स्पष्ट रूप से दिखाई देती है। उनकी पहचान एक ऐसे नेता के रूप में रही है, जो बिना आडंबर के अपनी बात स्पष्ट रूप से रखता है।
पद्म भूषण सम्मान देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मानों में से एक है। यह सम्मान भगत सिंह कोश्यारी को उनके शिक्षा, राजनीति और प्रशासन के क्षेत्र में दिए गए योगदान के लिए प्रदान किया जा रहा है। इस घोषणा के बाद उनके गृह राज्य उत्तराखंड सहित देशभर में प्रसन्नता का माहौल है।





