लालकुआं। गौला नदी के अधिकांश गेटों से आज भी 4500 गाड़ियां बाहर नहीं निकल पाई जो कि आरबीएम लादकर नदी के अंदर ही खड़ी है, जहां अधिकारियों ने इसे तकनीकी खामी बताया, वही खनन व्यवसाईयों ने इसे अधिकारियों की बहुत बड़ी लापरवाही करार दिया है।
इस बार जिस दिन से गौला निकासी शुरू हुई है, वाहन स्वामियों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। कोई भी दिन ऐसा नहीं आया है, अब तक जब नदी के अंदर से सारी गाड़ियां माल लेकर बाहर निकल आई हो, पिछले कई दिनों से अधिकांश गाड़ियों के नदी के ही भीतर रह जाने के बाद आज भी अधिकांश निकासी गेंट के अंदर ही लोड गाड़ियां खड़ी है।
गौला गौला और नंन्धौर नदियों में आज सायं तक अधिकांश गाड़ियां नदी के भीतर ही खड़ी थी, जिनमें शाम 5 बजे तक शीशमहल गेट में 525 गाड़ियां, इंदिरानगर गेट में 600 गाड़ियां, आंवला चौकी गेट में 540 गाड़ियां, गोरापड़ाव गेट में 900 गाड़ियां, लालकुआं गेट में 650 गाड़ियां, देवरामपुर गेट में 350 गाड़ियां, हल्दुचौड़ गेट में 400 गाड़ियां, बेरीपड़ाव गेट में 600 गाड़ियां एवं मोटाहल्दू गेट में 569 गाड़ियां नदी के अंदर खनन सामग्री भर कर खड़ी है।
इधर खनन समिति के अध्यक्ष रमेश जोशी का कहना है कि विभागीय अधिकारियों की लापरवाही के चलते वाहन स्वामियों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है, एक दिन आरबीएम लाने के लिए वाहन को 2 दिन तक नदी के भीतर रुकना पड़ रहा है।
गौला खनन अध्यक्ष रमेश जोशी ने कहा यह सब अधिकारियों की लापरवाही एवं उनकी उदासीनता की वजह से हो रहा है। वन निगम ने गाड़ी की आरसी के अनुसार वजन लाने को कहा है, जिससे तौल कांटों पर वाहनों को बार-बार खनन सामग्री उतारना पड़ रहा है। जिससे तौल कांटों पर हमेशा जाम रहता है और गाड़ियां अंदर रहती हैं, इस नियम को मानने के लिए वाहन स्वामी भी मजबूर है। जबकि अधिकारी सर्वर डाउन होने का बहाना बनाकर अपने कर्तव्यों की इति श्री कर रहे हैं। इधर वन विकास निगम के डीएलएम धीरेश बिष्ट का कहना है कि खनन विभाग के ई-रवन्ना वाले सर्वर में दिक्कत चल रही है, आज उनके द्वारा जिला खान अधिकारी को इस संबंध में पत्र भेजा गया है, इस पर खान अधिकारी का कहना है कि अब सर्वर की समस्या का समाधान हो चुका है, परंतु इसके बावजूद भी एक वाहन निकालने में 10 मिनट से अधिक समय लग रहा है। उन्होंने बताया कि आज विभिन्न गेटों में 4500 वाहन फंसे हुए हैं, जो कि कल निकलेंगे।
फोटो परिचय- आज सायं गौला नदी के भीतर फंसे खनन से भरे वाहन





