हल्द्वानी। चर्चित ब्लॉगर ज्योति अधिकारी आज शाम जेल से रिहा हो गईं। कल हल्द्वानी से जमानत मिलने के बाद आज उन्हें खटीमा कोर्ट में पेश किया गया, जहां से जमानत के बाद उन्हें हल्द्वानी जेल से रिहा किया गया। बाहर आने के बाद ज्योति अधिकारी पत्रकारों के सवालों से बचती नजर आई।
बता दें कि हल्द्वानी में दो मुकदमों के अलावा ज्योति पर रुद्रपुर, सितारगंज, खटीमा और अल्मोड़ा में भी मुकदमे दर्ज किए गए थे।
यूं तो ज्योति की आए दिन फेसबुक पर अन्य सोशल मीडिया इनफ्लुएंसर से जुबानी जंग चलती रहती है, लेकिन अंकिता भंडारी हत्याकांड में vvip का नाम सुर्खियों में आया तो ज्योति अधिकारी दराती लेकर हल्द्वानी के बुद्ध पार्क में प्रदर्शन को पहुंच गईं थीं।
वहां उन्होंने अपने अंदाज में सत्ताधारी नेताओं, कुमाऊं की महिलाओं के साथ ही देवी देवताओं तक पर तंज कस दिए। तथा मुख्यमंत्री धामी को ही फुस्स बता दिया था। इसके बाद उनके खिलाफ पहला मुकदमा जूही की ओर से हल्द्वानी के मुखानी थाने में लिखा गया। इसके बाद रुद्रपुर, सितारगंज और खटीमा के अलावा अल्मोड़ा में भी मुकदमे दर्ज हुए थे। मुखानी थाने में उनके खिलाफ वादी को डराने धमकाने के आरोप में एक और मुकदमा दर्ज कर लिया गया था। बता दें कि ज्योति अधिकारी हल्द्वानी के हरिपुर लालमणि की रहने वाली है और उनके पति का नाम गोपाल सिंह अधिकारी है। फेसबुक पर उनके ढाई लाख और इंस्टाग्राम पर एक लाख से भी ज्यादा फॉलोअर हैं। कुल मिलाकर ज्योति अधिकारी को जमानत मिलने के बाद अब उनके प्रशंसकों के चेहरे खिले हुए हैं। उन्हें जमानत दिलाने वाले अधिवक्ताओं में एडवोकेट जितेंद्र बिष्ट, गौरव कपूर और किरन पन्त शामिल थे, जिन्होंने कल हल्द्वानी में जबरदस्त जिरह की, तथा आज खटीमा जाकर वहां भी ज्योति अधिकारी का पक्ष रखा।





