उत्तराखण्ड

पुलिस की कार्यप्रणाली से नाराज पति ने बीवी बच्चों के सामने हल्द्वानी के इस होटल में खुद को गोली मार कर की आत्महत्या….

हल्द्वानी। परिवार के साथ नैनीताल घूमने आए काशीपुर निवासी एक व्यक्ति ने अपने 12 वर्षीय बेटे और पत्नी के सामने खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली। घटना काठगोदाम थाना क्षेत्र अंतर्गत गौलापार स्थित देवभूमि होटल की है। मृतक की पहचान सुखवंत सिंह (निवासी पैगा, काशीपुर) के रूप में हुई है। गोली दाहिनी ओर से सिर में लगी और बाईं ओर से निकल गई, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना रात करीब 2:30 बजे की बताई जा रही है।
सुखवंत सिंह अपनी पत्नी और बेटे के साथ नए साल की छुट्टियों में नैनीताल घूमने आया था और होटल में ठहरा हुआ था। पुलिस के अनुसार, आत्महत्या से पहले उसने पत्नी और बच्चे के सामने खुद को गोली मारने की कोशिश की। इस दौरान हथियार को लेकर छीना-झपटी हुई, जिसमें पत्नी और बच्चे को हल्की खरोंचें आईं। इसके बाद पत्नी और बच्चा मदद के लिए होटल रिसेप्शन पर चले गए। इसी बीच कमरे में अकेले रह गए सुखवंत सिंह ने खुद को गोली मार ली।
गोली की आवाज से मचा हड़कंप, हथियार बरामद
गोली चलने की आवाज सुनते ही होटल में अफरा-तफरी मच गई। सूचना पर काठगोदाम थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। कमरे से हथियार बरामद किया गया है। पुलिस मामले की फोरेंसिक जांच के साथ पारिवारिक पृष्ठभूमि और आपराधिक इतिहास के आधार पर भी जांच कर रही है। पुलिस का कहना है कि मृतक पर काशीपुर में धोखाधड़ी से जुड़े करीब पांच मुकदमे दर्ज थे।
आत्महत्या से कुछ देर पहले सुखवंत सिंह फेसबुक लाइव आया था, जिसमें उसने ऊधम सिंह नगर पुलिस और एसएसपी पर गंभीर आरोप लगाए। वीडियो में उसने कहा कि उस पर झूठे मामलों में दबाव बनाया जा रहा था और एक प्रॉपर्टी विवाद में पुलिस ने उसकी कोई सुनवाई नहीं की। उसने दावा किया कि चार करोड़ रुपए के फर्जीवाड़े में उसे फंसाया गया और जबरन समझौते का दबाव बनाया जा रहा था। फेसबुक लाइव में उसने कहा कि पिछले चार महीनों से पुलिस उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रही थी और उसे कहीं से भी न्याय मिलने की उम्मीद नहीं बची थी। उसने इस पूरे मामले की जांच सीबीआई से कराने की मांग की।
मृतक के परिजनों ने जमीन के सौदे में बड़े फर्जीवाड़े का आरोप लगाया है। मृतक के पिता अजय सिंह ने बताया कि उनके बेटे के साथ करीब चार करोड़ रुपए की धोखाधड़ी हुई। डील के नाम पर 50 लाख रुपए का एक प्लॉट दिया गया, जो बाद में फर्जी निकला। इसके अलावा करीब 3 करोड़ 80 लाख रुपए अलग-अलग तरीकों से ले लिए गए।
परिजनों का कहना है कि जमीन 7 से 7.5 एकड़ बताई गई थी, लेकिन न तो सही रजिस्ट्री कराई गई और न ही पैसा वापस किया गया। उन्होंने थाना, चौकी और एसएसपी कार्यालय तक शिकायत की, लेकिन कहीं से कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
परिजनों का आरोप है कि इस पूरे मामले में पुलिस ने निष्पक्ष कार्रवाई नहीं की और आरोपियों को संरक्षण दिया गया। उनका कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई होती, तो सुखवंत सिंह को यह कदम उठाने की नौबत नहीं आती।
सीबीआई जांच की मांग
परिजनों और रिश्तेदारों ने मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच सीबीआई से कराई जाए और जिन लोगों पर धोखाधड़ी और मानसिक प्रताड़ना के आरोप हैं, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। पुलिस का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट व फोरेंसिक साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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