लालकुआं। लालकुआं बाजार में किराया वसूलने पहुंचे रेलवे के अधिकारियों एवं आरपीएफ के जवानों से व्यापारियों की तीखी नोकझोंक हुई, जिसके बाद रेल कर्मी बैरंग रेलवे स्टेशन को लौट गये, इस दौरान व्यापारियों ने रेलवे पर उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए उग्र आंदोलन की चेतावनी दी।
बुधवार की दोपहर को रेलवे स्टेशन तिराहा पर स्थित पांडे स्वीट हाउस में पहुंचे रेलवे अधिकारियों ने जब प्रतिष्ठान के स्वामी से उनकी दुकान का रेलवे में बकाया किराया मांगा तो यह बात पूरे क्षेत्र में आगे की तरह फैल गई, मौके पर एकत्र हुए व्यापारियों एवं व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने रेलवे से पहुंची टीम का भारी विरोध करते हुए तत्काल दुकान से जाने को कहा, साथ ही बताया कि जिस भूमि में व्यापारी बसे हुए हैं वह रेल भूमि नहीं है, रेलवे द्वारा 20 वर्ष पूर्व में ही अपनी भूमि खाली कर दी गई थी, इसके बावजूद 20 साल बाद रेलवे व्यापारियों का बेवजह उत्पीड़न कर रही है, काफी देर तक तीखी नोकझोंक होने के बाद रेल कर्मी खाली हाथ वापस लौट गए।
रेलवे के अधिकारियों का कहना था कि 2016 से रेलवे भूमि में बनी दुकानों का किराया नहीं आया है, जिसमें फिलहाल वह कमलापति पांडे और बिंद्रा धर्म कांटे का किराया वसूलने पहुंचे, रेलवे की टीम को व्यापारियों ने के खदेड़ दिया। व्यापारियों का स्पष्ट रूप से कहना है कि आज से 20 वर्ष पूर्व रेलवे ने अतिक्रमण हटाओ अभियान हाईवे के किनारे रेल भूमि में बसे दुकानदारों को उजाड़ दिया तथा अपने क्षेत्र में चाहर दिवारी लगाकर अपनी पूरी भूमि कब्जे में ले ली लगभग 15 वर्षों तक शांत रहने के बाद अब रेलवे पुनः हाईवे के किनारे बसे व्यापारियों की भूमि को रेलवे की भूमि बताते हुए पुनः किराया वसूलने का षड्यंत्र रच रहा है जिस किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा व्यापारियों एवं व्यापार मंडल ने रेलवे पर भोले भाले व्यापारियों के उत्पीड़न का खुला आरोप लगाया।
इस दौरान व्यापार मंडल के अध्यक्ष दीवान सिंह बिष्ट, संजय जोशी, सभासद भुवन पांडे, योगेश उपाध्याय, हेमंत पांडे, पवन रस्तोगी, आनंद अग्रवाल, राकेश कुमार, दिनेश अग्रवाल और नगर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष भुवन पांडे समेत भारी संख्या में व्यापारी मौजूद थे।
जबकि रेलवे की ओर से सीनियर सेक्शन इंजीनियर कार्य काठगोदाम गृजेश कुमार, वरिष्ठ अनुभाग अधिकारी इज्जत नगर राधेश्याम शाक्य और रोहित कुमार, कार्यालय अधीक्षक काठगोदाम, कृष्ण सिंह बंग्याल और रेलवे सुरक्षा बल के उप निरीक्षक रणजीत सिंह सहित भारी संख्या में रेलवे कर्मचारी मौजूद थे।
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