उत्तराखण्ड

बिंदुखत्ता राजस्व गांव को लेकर मुख्य संयोजक ने कर डाली यह जबरदस्त मांग देखें वीडिय

लालकुआं। बिंदुखत्ता राजस्व गांव संयुक्त संघर्ष समिति के मुख्य संयोजक इंद्र सिंह पनेरी ने कहा कि बिंदुखत्ता को राजस्व गांव बनाने का एकमात्र रास्ता एफआरए है, राज्य सरकार अभिलंब इस मामले में शासनादेश जारी कर यहां के लोगों को राजस्व गांव की सौगात प्रदान करें।
पनेरी यहां पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे, उन्होंने कहा कि डिफॉरेस्ट की प्रक्रिया में अत्यधिक दिक्कतें एवं जटिलताएं हैं, बिंदुखत्ता को राजस्व गांव बनाने का रास्ता एकमात्र वन अधिकार अधिनियम 2006 ही है, जिसके द्वारा यहां के लोगों को उनकी जमीनों का मालिकाना हक मिल सकता है। उन्होंने राज्य सरकार से मांग की बिंदुखत्ता को राजस्व गांव का दर्जा देने के लिए सचिवालय में पिछले 11 माह से लंबित फाइल में शासनादेश जारी किया जाए। या फिर जिलाधिकारी के माध्यम से आदेश जारी कर बिंदुखत्ता को एफआरए के तहत राजस्व गांव का दर्जा दिया जाए।
फाइल फोटो- इंद्र सिंह पनेरी

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