उत्तराखण्ड

खुशखबरी:- बरसों के बाद बिंदुखत्ता में हुई स्वर्णिम युग की पुनः शुरुआत, जारी हुई करोड़ों की धनराशि… पढ़े आदेश…

लालकुआं। बिंदुखत्ता क्षेत्र में पिछले 13 वर्षों से रुके विद्युतीकरण के कार्यों को पुनः पंख लग गए हैं, प्रदेश सरकार ने विद्युतीकरण कार्य को शुरू करने के लिए प्रथम चरण में 14.73 करोड रुपए स्वीकृत किए हैं।
बिंदुखत्ता क्षेत्र में विद्युतीकरण को लेकर उत्तराखंड सरकार ने 14.73 करोड रुपए की पहली क़िस्त जारी कर दी है, जिससे अब तक विद्युतीकरण से वंचित बिंदुखत्ता क्षेत्र में अच्छे वोल्टेज के साथ घरेलू संयोजन शुरू हो जाएंगे।
विदित रहे कि बिंदुखत्ता क्षेत्र में कई वर्षों से विद्युतीकरण पर रोक लगी थी, नया कनेक्शन भी केवल व्यवसायिक ही मिलता था, जिसके लिए बिंदुखत्तावासियों को 12 से 18 हजार रुपए का भुगतान करना होता था, और जिसकी प्रति यूनिट दर भी घरेलू विद्युत संयोजन से अधिक होती थी। वर्ष 2012 से बिंदुखत्ता क्षेत्र में विद्युतीकरण कार्य में पूरी तरह रोक लग गई थी, क्षेत्रीय विधायक डॉ मोहन बिष्ट की पहल पर युवा समाजसेवी सुरेश पांडे और सामाजिक कार्यकर्ता अर्जुन नाथ गोस्वामी के प्रयास के बाद अंततः बिंदुखत्ता में विद्युतीकरण पर लगी रोक हटाने में सफल हुए। विद्युत विभाग द्वारा बिंदुखत्ता में सर्वे कर लगभग 26 करोड़ की डीपीआर बनाई गई, जिससे नए पोल, लाईन और ट्रांसफार्मर लगाए जा सकें। इसी दरम्यान वर्ष 2023 में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने क्षेत्रीय विधायक डॉ मोहन बिष्ट के अनुरोध पर बिंदुखत्ता विद्युतीकरण की घोषणा की।
उल्लेखनीय है कि 14.73 करोड रुपए की लागत से विद्युतखत्ता क्षेत्र में हो रहे विद्युतीकरण कार्य के दौरान लगभग 35 नए ट्रांसफार्मर लगाए जाएंगे, दो दर्जन से अधिक ट्रांसफार्मर का उच्चीकरण होगा, 1000 विद्युत पोल लगेंगे, तथा विद्युत लाइनों का दुरुस्तीकरण किया जाएगा, विद्युतीकरण संबंधी उक्त कार्यों से बिंदुखत्ता क्षेत्र की विद्युत संबंधी समस्या का लगभग समाधान हो जाएगा, इसके बाद सरकार एवं विद्युत विभाग बिंदुखत्ता क्षेत्र में विद्युत सब स्टेशन खोलने की दिशा में पहल करेगा।

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