लालकुआं। उत्तराखंड सरकार के कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि बिंदुखत्ता को राजस्व गांव का दर्जा दिलाने के लिए सरकार कृतसंकल्प है, इसके लिए बिंदुखत्ता को पहले डिफॉरेस्ट कराया जाएगा, उसके बाद राजस्व गांव का दर्जा दिया जाएगा।
महाराज यहां श्री हंस प्रेम योग आश्रम बिन्दुखत्ता में पत्रकार वार्ता में बोल रहे थे, उन्होंने कहा कि बिंदुखत्ता को राजस्व गांव का दर्जा देना बहुत ही कठिन कार्य है, इसके बावजूद उत्तराखंड सरकार इसके लिए विशेष प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि पहले बिंदुखत्ता को डिफॉरेस्ट कराया जाएगा, उसके बाद राजस्व गांव की प्रक्रिया शुरू होगी। लेकिन यह कार्य बहुत ही कठिन और दुष्कर है। महाराज ने क्षेत्र की जनता से इसके लिए सहयोग मांगा है। इस मौके पर उनके साथ क्षेत्रीय विधायक डॉ मोहन बिष्ट भी मौजूद थे। इससे पूर्व बिंदुखत्ता राजस्व गांव को लेकर बनी संयुक्त संघर्ष समिति के पदाधिकारी कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज को ज्ञापन देने के लिए पूर्व कैबिनेट मंत्री हरीश चंद्र दुर्गापाल के नेतृत्व में पहुंचे, जैसे ही संघर्ष समिति के सदस्य सतपाल महाराज को वनाधिकार अधिनियम के तहत देश के अन्य प्रदेशों में बने राजस्व गांव के संबंध में विस्तृत जानकारी दे रहे थे, इसी बीच विधायक डॉ मोहन बिष्ट ने उनके द्वारा दिए गए तर्क का विरोध कर दिया, जिसके चलते कुछ समय तक कार्यक्रम में शांति छा गई, इसी बीच कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने बात संभाली और ग्रामीणों से कहा कि वह ग्रामीणों की समस्याओं को समझ रहे हैं तथा इसके निस्तारण का प्रयास किया जाएगा। जिस दौरान संघर्ष समिति के पदाधिकारी वरिष्ठ कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज को ज्ञापन दे रहे थे, विधायक डॉ मोहन बिष्ट भी वहां पहुंच गए, इसके बाद संघर्ष समिति के पदाधिकारी असहज हो गए, इस दौरान पूर्व कैबिनेट मंत्री दुर्गापाल ने दिवंगत पूर्व मुख्यमंत्री एनडी तिवारी द्वारा बिंदुखत्ता के विकास में किए गए कार्यों का उल्लेख किया, जिनकी स्वयं सतपाल महाराज ने सराहना की।
फोटो परिचय- कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज को बिन्दुखत्ता राजस्व गांव को लेकर ज्ञापन सौपते संघर्ष समिति के पदाधिकारी





