हल्द्वानी। उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में हो रही भारी बरसात से पहाड़वासियों का जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है, बागेश्वर जनपद में ही दो महिलाओं की मौत हो गई, जबकि पिता और पुत्र अभी भी लापता है, इसी के चलते आपदा प्रभावित गांव पौंसारी से खाईइजर तोक के बीच पड़ने वाले गधेरे को पार करना विधायक सुरेश गढि़या और उनके गनर पंकज नेगी के लिए डरा देने वाला रहा। एसडीआरएफ के जवान और रस्सी की मदद के बावजूद विधायक के कदम बहाव में डगमगाने लगे। गनर गधेरे में बहने लगा जिसे एसडीआरएफ के जवानों ने किसी तरह निकाला। अलबत्ता विधायक का मोबाइल, रुपये, डायरी और गनर की कार्बाइन तेज बहाव में बह गई।
बृहस्पतिवार को विधायक गढि़या अतिवृष्टि की सूचना पर कपकोट से पौंसारी गांव के लिए रवाना हुए। सबसे पहले उन्होंने बैसानी के पास गधेरा पार किया। पौंसारी गांव से पहले और बाद में भी एक-एक गधेरा पार करने के बाद वह खाईइजर के बीच में पड़ने वाले गधेरे तक पहुंचे। इस संकरे गधेरे में बहाव काफी तेज था।
विधायक को गधेरा पार कराने के लिए एसडीआरफ की टीम ने मानव शृंखला बनाई और नदी में रस्सी डाली। रस्सी की मदद से विधायक गधेरे को पार कर रहे थे। पानी उनकी कमर से ऊपर बह रहा था। अचानक वह लड़खड़ाने लग गए। उन्हें लड़खड़ाता देखकर गनर पंकज नेगी बिना किसी सहारे के तेज बहाव में आ गए। संतुलन बिगड़ने पर वह गधेरे में बहने लगे। एसडीआरएफ के जवान और वहां मौजूद लोगों ने उन्हें किसी तरह से बचाया। विधायक गढि़या ने बताया कि बहाव काफी तेज होने से गधेरा पार करने में परेशानी हुई।
गधेरे के बहाव में मोबाइल बहने के बाद विधायक गढि़या फोन के लिए डीएम आशीष भटगांई पर निर्भर हो गए। सीएम पुष्कर सिंह धामी को फोन लगाने के लिए भी उन्होंने डीएम से कहा कि सीएम साहब को फोन लगा दो उन्हें घटना की जानकारी देनी है।
