हल्द्वानी। वर्तमान समय में विवाह से पूर्व युवक और युवती को एक दूसरे को समझने के लिए परिवार पूरा मौका देता है, परंतु कुछ जोड़े ऐसे होते हैं जो एक दूसरे को समझ नहीं पाते हैं, ऐसे ही एक मामले ने दो परिवारों को परेशानी में डाल दिया है।
हनीमून के दौरान अंडमान निकोबार में स्कूबा डाइविंग (वाटर गेम) को लेकर हुआ विवाद पती-पत्नी के बीच बढ़ता ही गया। डेढ़ साल तक पत्नी मारपीट व बेवजह ताने सुनते रही। ससुराल में उसके चरित्र पर शक किया जाता रहा। यहां तक कि जन्मी बेटी का डीएनए टेस्ट कराने की बात होती रही। अंत में आइटी इंजीनियर पति की मारपीट से तंग आकर पत्नी मायके आ गई। पत्नी का आरोप है कि शादी के समय ससुराल में दहेज दिया गया। डहरिया निवासी पीड़िता ने हल्द्वानी कोतवाली में तहरीर देकर कहा कि तीन मार्च 2024 को शादी हुई थी। वह पति के साथ 13 मार्च को अंडमान-निकोबार में हनीमून पर गई। इस
दौरान जब उसने स्कूबा डाइविंग करने की इच्छा जताई तो पति अचानक भड़क गया। आरोप है कि इस बात पर गाली-गलौज करते हुए पति ने उसके कान पर थप्पड़ मारा, जिससे कान का पर्दा फट गया। पीड़िता का आरोप है कि पति उसके मोबाइल फोन की नियमित जांच करता था और बेवजह शक के चलते उसके चरित्र पर टिप्पणी करता था। पिता के निधन के समय उसे अंतिम दर्शन भी नहीं करने दिए गए और न ही तेरहवीं में शामिल होने दिया गया। हल्द्वानी कोतवाल विजय मेहता ने बताया कि महिला की तहरीर के आधार पर पति, उसके माता-पिता के विरुद्ध प्राथमिकी पंजीकृत कर जांच शुरू कर दी गई है।





