उत्तराखण्ड

सेंचुरी के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे लोगों का दर्जनों महिलाओं ने किया विरोध… दोनों पक्ष हुए आमने-सामने… देखें वीडियो…

लालकुआं।
सेंचुरी पल्प एंड पेपर मिल से निकलने वाले नाले को लेकर प्रदूषण फैलाने का आरोप लगाते हुए कुछ युवाओं के लालकुआं तहसील परिसर में धरना प्रदर्शन की शुरुआत में ही क्षेत्र की दो दर्जन से अधिक महिलाओं ने उक्त विरोध प्रदर्शन कार्यक्रम का भारी विरोध कर दिया, धरना शुरू होते ही नगर की दो दर्जन से अधिक महिलाएं अचानक जुलूस के रूप में वहां पहुंच गईं और धरना दे रहे लोगों का खुलकर विरोध करने लगीं।
महिलाओं ने ‘नेतागिरी बंद करो’ और ‘नेतागिरी नहीं चलेगी’ जैसे नारों के साथ तहसील परिसर के चारों ओर जुलूस निकाला और धरनारत लोगों पर गरीबों की रोजी-रोटी छीनने का आरोप लगाया। महिलाओं का कहना था कि प्रदूषण के नाम पर कुछ लोग बार-बार राजनीति कर अपने हित साधने में लगे रहते हैं।
महिलाओं ने स्पष्ट रूप से कहा कि सेंचुरी मिल से उन्हें प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलता है, जिससे उनके परिवारों का भरण-पोषण होता है। ऐसे धरना-प्रदर्शन से मिल का काम प्रभावित होता है और इसका सीधा असर गरीब परिवारों की आजीविका पर पड़ता है। उन्होंने कहा कि इस तरह के व्यवधान डालने वाले कार्य बंद होने चाहिए।
इस दौरान धरना दे रहे लोगों और महिलाओं के बीच तीखी बहस भी हुई। महिलाओं ने चेतावनी दी कि यदि धरना समाप्त नहीं किया गया तो वे स्वयं भी बड़ी संख्या में धरना देकर इसका विरोध करेंगी।

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