लालकुआं। बिंदुखत्ता को राजस्व ग्राम का दर्जा दिलाने के संघर्ष को अब नई दिशा और रफ्तार देने के लिए ग्रामवासियों की एक ऐतिहासिक बैठक आयोजित हुई, जिसमें कई अहम प्रस्ताव पारित किए गए। बैठक में सर्वसम्मति से वन अधिकार समिति का विस्तार करते हुए इसे एक व्यापक संगठन का रूप दिया गया। इसमें भूतपूर्व सैनिक संगठन व अन्य सामाजिक संस्थाओं के लोगों को भी शामिल किया गया।
नवगठित वनाधिकार संगठन में उमेश चन्द्र भट्ट को अध्यक्ष, भरत नेगी को वरिष्ठ उपाध्यक्ष तथा बसंत पांडे, प्रमोद कॉलोनी, दीपक जोशी और सूबेदार रंजीत गड़िया को उपाध्यक्ष मनोनीत किया गया। सचिव बलवंत बिष्ट और उपसचिव नंदन बोरा होंगे। दीपक नेगी को व्यवस्थापक तथा करम सिंह कोरंगा, सुशील यादव सहित कई लोगों को सह-व्यवस्थापक बनाया गया। वहीं कैप्टन हीरा सिंह बिष्ट और कविराज धामी को सभाओं के संचालन की जिम्मेदारी दी गई। महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए मीना कपिल को महिला उपाध्यक्ष चुना गया। कैप्टन खिलाफ सिंह दानू, अर्जुन नाथ गोस्वामी सहित कई वरिष्ठजनों को सलाहकार नियुक्त किया गया। बसंत पांडे को मीडिया प्रभारी, गौरव जोशी व भूपेश जोशी को सोशल मीडिया का प्रभार तथा कैप्टन चंचल सिंह कोरंगा को कोषाध्यक्ष बनाया गया।
बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि 6 मई 2026 (बुधवार) को शहीद स्मारक के समीप “जन-जन की सरकार कब आएगी बिंदुखत्ता के द्वार” कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इसमें सरकार के प्रतिनिधियों और अधिकारियों को आमंत्रित कर खुली चर्चा की जाएगी । समाधान न होने पर 300 बसों के साथ राजधानी कूच काल निर्णय लिया गया।
साथ ही 18 फरवरी की तर्ज पर एक और जनांदोलन होगा, जिसके लिए 15 हजार टी-शर्ट वितरित की जाएंगी। आगामी एक माह में सभी बूथों पर बैठक कर स्थानीय प्रतिनिधि नियुक्त किए जाएंगे। पेंशन सत्यापन के लिए उपसमिति भी गठित की गई। जनजागरूकता के लिए बाइक रैली और छात्रों के लिए वन अधिकार अधिनियम पर सेमिनार आयोजित करने का भी निर्णय लिया गया।





