उत्तराखण्ड

लालकुआं में व्यापार मंडल चुनाव को लेकर बैठक में हो गया जबरदस्त हंगामा… देखें वीडियो…

लालकुआं। प्रांतीय उद्योग व्यापार मंडल के नए चुनाव कराने को लेकर आज यहां आयोजित बैठक में जिलाध्यक्ष द्वारा जब व्यापारियों के साथ रायसुमारी की जा रही थी, इसी दौरान व्यापारियों ने इसी कार्यकारिणी को पुनः 3 वर्ष के लिए घोषित करने की मांग कर डाली, जिस पर जिलाध्यक्ष विपिन गुप्ता ने कहा कि चुनाव की पूरी प्रक्रिया होने के उपरांत ही पुरानी कार्यकारिणी को पुनः बहाल किया जा सकता है, इसके लिए पहले सभी व्यापारियों को पुनः सदस्य बनना आवश्यक होगा, सदस्यता अभियान के बाद आम बैठक बुलाकर व्यापारियों की राय ली जाएगी, जिसमें यदि पुरानी कार्यकारिणी को बहाल करने पर सहमति बन गई तो वही दोबारा कार्यकारिणी घोषित कर दी जाएगी, परंतु व्यापारी आज ही पुरानी कार्यकारिणी को पुनः घोषित करने की मांग पर अड़ गए, और हंगामा हो गया। नाराज जिला पदाधिकारी उठ के बाहर को चले गए, इसके बाद क्षेत्र के वरिष्ठ व्यापारी उनके पीछे भागे तथा बमुश्किल उन्हें समझा बुझाकर वापस लेकर आए, फिर बैठक की औपचारिकता पूरी की गई। इस दौरान हल्द्वानी से आए वरिष्ठ पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि व्यापार मंडल का चुनाव कराना अनिवार्य है, और उससे पहले सदस्यता अभियान चलाया जाना जरूरी है। उन्होंने बताया कि सदस्यता अभियान की जिम्मेदारी सजीव शर्मा और संजय जोशी को सौंपी गई है, और प्रक्रिया पूरी होते ही चुनाव कराए जाएंगे। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पुरानी कार्यकारिणी को जारी रखने का मुद्दा भी सदस्यता अभियान के बाद ही तय होगा और जो भी निर्णय होगा, वह व्यापारियों के बहुमत के आधार पर लिया जाएगा। “दस-बीस या पचास लोगों के कहने से संगठन के सिद्धांतों से समझौता नहीं किया जा सकता।
बैठक में जिला अध्यक्ष विपिन गुप्ता, प्रदेश संगठन मंत्री हितेन्द्र भसीन, चेयरमैन सुरेन्द्र लोटनी, व्यापार मंडल अध्यक्ष दीवान सिंह बिष्ट, जिला उपाध्यक्ष संजय जोशी, चुनाव अधिकारी सजीव शर्मा, हरीश बिसौती, भुवन पांडे, अशोक अग्रवाल, नरेश चौधरी, कृष्ण भट्ट, विनोद पांडे, दिनेश लोहानी, बॉबी सम्भल, नंदन सिंह राणा, अरुण जोशी, मीना रावत, अमजद खान, राधेश्याम यादव, सुभाष नागर सहित बड़ी संख्या में व्यापारी मौजूद रहे।
कुल मिलाकर बैठक में “पहले सदस्यता, फिर चुनाव” के मुद्दे पर सहमति तो बनी, लेकिन कार्यकारिणी के भविष्य को लेकर व्यापारियों के बीच मतभेद साफ नजर आया।
अब सदस्यता अभियान के बाद ही तय होगा कि चुनाव होंगे या सर्वसम्मति से पुरानी टीम को ही आगे बढ़ाया जाएगा।

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