उत्तराखण्ड

बरेलीरोड के इस गांव में दिन में सरेआम घर से बकरी उठा ले गए गुलदार के भय से फैली दहशत……………….. ग्रामीण पर झपटने के बाद वन विभाग ने शुरू की यह कार्रवाई………….. देखें वीडियो…………

लालकुआं। दोपहर के समय भी गांव में घुसकर आतंक मचा रहे गुलदार के चलते ग्रामीणों में दहशत व्याप्त है, यहां जयपुर खीमा गांव में गत शाम गुलदार द्वारा ग्रामीण के घर में घुसकर बकरी उठा ले जाने की घटना के बाद आज दोपहर को गुलदार के एक ग्रामीण पर झपटने की घटना के बाद तराई केंद्रीय वन विभाग के हल्द्वानी रेंज ने घटनास्थल पर ट्रैप कैमरा और पिंजरा लगाने की कार्यवाही शुरू कर दी, इससे पूर्व ग्रामीण प्रतिनिधियों ने वन विभाग से पिंजरा लगाने की जोरदार मांग की थी।


निकटवर्ती क्षेत्र मोटाहल्दू के जयपुर खीमा गांव निवासी ललित मोहन कब्डाल के खेत में बटाईदार के रूप में कार्य करने वाले पवन की गौशाला में बधी बकरी को गत शाम लगभग 5:30 बजे सरेआम खेतों की ओर से आया गुलदार अचानक उठाकर ले गया, और समीप ही स्थित सड़क के नीचे बनी पुलिया में घुस गया, भरी धूप के दौरान हुई इस घटना से हथप्रभ प्रांतीय उद्योग व्यापार मंडल के अध्यक्ष संदीप पांडे द्वारा वन क्षेत्राधिकारी हल्द्वानी रेंज को जानकारी दी गई, जिसके बाद मौके पर पहुंचे वन कर्मियों ने टॉर्च से उक्त गुलदार एवं बकरी को तलाशने के लिए सर्च अभियान चलाया, लेकिन भय की वजह से वह पुलिया के नीचे नहीं जा सके, गुलदार की दहशत के चलते रात्रि में ग्रामीण घरों में ही छुपे रहे, जैसे ही सुबह हुई लगभग आधा दर्जन ग्रामीण पुलिया के समीप बकरी को देखने पहुंचे तो बटाईदार पवन के साले गणेश के ऊपर अचानक पुलिया के अंदर छुपा गुलदार झपट पड़ा, परंतु साथियों द्वारा शोर मचाने पर वह बिना कोई नुकसान किये गन्ने के खेत की ओर भाग गया, जिसके बाद मौके पर पहुंची क्षेत्र पंचायत सदस्य गरिमा पांडे ने तत्काल वन क्षेत्राधिकारी को फोन कर अभिलंब गुलदार को पकड़कर ग्रामीणों की सुरक्षा की मांग की, व्यापार मंडल अध्यक्ष संदीप पांडे का भी कहना था कि गुलदार लंबे समय से गांव में ही रह रहा है क्योंकि ग्रामीणों ने जब गन्ने के खेत में गुलदार को ढूंढने के लिए अभियान चलाया तो खेत में भारी मात्रा में पुरानी हड्डियां मिली है, जिसके चलते साबित हो गया कि गुलदार लंबे समय से गांव में ही रह रहा है, और सियार एवं कुत्तों का शिकार कर रहा है।
इधर प्रातः 10:30 बजे मौके पर पहुंचे हल्द्वानी रेंज के वन क्षेत्राधिकारी आनंद कुमार आर्य एवं अन्य वन कर्मियों ने गुलदार की तलाश प्रारंभ की तो प्रातः 11 बजे पुलिया के नीचे गुलदार दिखाई दे गया, इसके बाद ग्रामीणों के भारी दबाव के बाद वन कर्मियों ने पिंजरा लगाने के लिए विभागीय अधिकारियों से वार्ता की। तराई केंद्रीय वनप्रभाग् की एसडीओ शशि देव ने बताया कि मौके पर ट्रैप कैमरे और पिंजरा लगाने की विभागीय अधिकारियों से संस्तुति प्राप्त हो गई है, जिसके बाद शुक्रवार की देर शाम से जयपुर खीमा गांव में ट्रैप कैमरा और पिंजरा लगाने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। वन क्षेत्राधिकारी आनंद कुमार आर्य ने बताया कि उन्होंने मौके पर दो ट्रैप कैमरे लगा दिए हैं, अब गुलदार के मूवमेंट को देखते हुए देर रात्रि या प्रातः उचित स्थान पर पिंजरा लगा दिया जाएगा, फिलहाल उन्होंने पिंजरा लाकर गांव में रख दिया है।

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इस अवसर पर हल्द्वानी रेंज के डिप्टी रेंजर धर्मानंद पाठक, वन दरोगा जगदीश चंद्र भट्ट, नीलम जोशी, मोहन भट्ट, उमेश बिष्ट, लोकेश कुमार और अमित कुमार सहित कई वनकर्मी एवं भारी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे।
फोटो परिचय- मोटाहल्दू के जयपुर खीमां गांव में गुलदार को पकड़ने के लिए ट्रैप कैमरा लगाते वनकर्मी
फोटो परिचय- गांव में गुलदार की दस्तक के बाद मौके पर गुलदार को पकड़ने की रणनीति बनाते बनकर्मी एवं ग्रामीण

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