उत्तराखण्ड

हल्द्वानी में इलेक्ट्रिक मोपेड हाथी के बच्चे से टकराई, आक्रोशित हाथियों ने जीजा-साले की ले ली जान…

हल्द्वानी। टांडा जंगल में हाथी से दोपहिया वाहन टकरा गया। इससे दोपहिया वाहन सवार अनियंत्रित होकर सड़क पर गिर गए। जिसमें जीजा की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि साले को उपचार के लिए बरेली ले जाया जा रहा था। जहां उसने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। रविवार को मोर्चरी में दोनों के पोस्टमार्टम किया गया।
पुलिस के अनुसार मूल रूप से शाहजहांपुर कटरा व वर्तमान में बनभूलपुरा के गफूर बस्ती निवासी 26 वर्षीय शकील व 28 वर्षीय जाफर शनिवार की शाम हल्द्वानी से रुद्रपुर की ओर जा रहे थे। इस दौरान बेलबाबा से थोड़ी सी आगे टांडा रोड स्थित हाथी कारिडोर में उनके दो पहिया वाहन के आगे हाथी आ गया। जिससे उनकी मोपट अनियंत्रित हो गई। और मोपेट चालक शकील के सिर में जोरदार चोट लग गई।
दोनों फेरी लगाकर अपने घर लौट रहे थे, तभी यह हादसा हुआ। उनकी बिजली से चलने वाली स्कूटी हाथियों के झुंड से टकरा गई। टक्कर के बाद स्कूटी गिर गई और हाथियों ने उन पर हमला कर दिया। हाथियों के झुंड में बच्चे भी शामिल थे, जिससे वे अधिक आक्रामक हो गए।
यूपी के शाहजहांपुर के मूल निवासी जीजा-साला को देर रात टांडा के जंगल में हाथियों ने रौंद दिया। इस दर्दनाक घटना में दोनों की मौत हो गई। जीजा जाफिर उत्तराखंड के रुद्रपुर में रहता था, जबकि साला शकील हल्द्वानी का निवासी था।
दोनों फेरी लगाकर अपने घर लौट रहे थे, तभी यह हादसा हुआ। उनकी बिजली से चलने वाली स्कूटी हाथियों के झुंड से टकरा गई। टक्कर के बाद स्कूटी गिर गई और हाथियों ने उन पर हमला कर दिया। हाथियों के झुंड में बच्चे भी शामिल थे, जिससे वे अधिक आक्रामक हो गए। घटना के बाद दोनों टांडा के जंगल में पड़े मिले। जीजा जाफिर की मौके पर ही मौत हो गई थी। साले शकील को अस्पताल ले जाया जा रहा था, लेकिन उसने रास्ते में दम तोड़ दिया। इस घटना से क्षेत्र में दहशत का माहौल है।
मृतक जीजा की पहचान जाफिर के रूप में हुई है। हाथियों के हमले से उसकी पसलियां टूट गई थीं। साले शकील के दोनों कानों से खून बह रहा था। उसके सीने पर हाथी का पैर होने से बायां चेहरा बुरी तरह फूल गया था। उसकी बाईं आंख को भी गंभीर नुकसान पहुंचा था।
यह घटना देर रात उस समय हुई जब दोनों घर लौट रहे थे। हाथियों का झुंड, जिसमें बच्चे भी थे, अचानक हमलावर हो गए। बिजली से चलने वाली स्कूटी के टकराने से हाथी उत्तेजित हो गए थे। वन विभाग ने घटना की जांच शुरू कर दी है। स्थानीय लोगों ने वन विभाग से हाथियों के मूवमेंट पर नजर रखने की अपील की है।

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