उत्तराखण्ड

लालकुआं में हुए सड़क हादसे ने छीन ली इकलौते भाई की जिंदगी; 12 साल की बहन फिर हुई बेसहारा

लालकुआं। वक्त की मार ने एक मासूम बहन से उसके माता-पिता के बाद भाई का सहारा भी छीन लिया। जिस चेतन बिष्ट ने अपने परिवार के हक के लिए हाईकोर्ट में कानूनी लड़ाई लड़कर नौकरी हासिल की थी, वही चेतन सड़क हादसे में दुनिया छोड़ गए। करीब दो सप्ताह पहले ही उन्हें वन विकास निगम के हल्द्वानी स्थित क्षेत्रीय प्रबंधक (आरएम) कार्यालय में मृतक आश्रित के तौर पर नौकरी मिली थी। परिवार को उम्मीद जगी थी कि अब मुश्किलों भरी जिंदगी में कुछ राहत मिलेगी, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। चेतन की मौत से उनकी 12 वर्षीय बहन एक बार फिर जिंदगी के सबसे बड़े सहारे से वंचित हो गई।चेतन बिष्ट के पिता स्वर्गीय मोहन सिंह बिष्ट वन विकास निगम में कार्यरत थे। कुछ वर्ष पूर्व बीमारी के चलते उनका निधन हो गया था। पिता की मौत के बाद उनकी पत्नी को मृतक आश्रित के तौर पर नौकरी मिली, लेकिन परिवार की खुशियां ज्यादा समय तक कायम नहीं रह सकीं। एक वर्ष के भीतर ही सड़क हादसे में चेतन की मां की भी मौत हो गई। माता-पिता दोनों को खोने के बाद चेतन और उनकी 12 वर्षीय बहन भीमताल के चाफी क्षेत्र में अपने मामा के घर रह रहे थे।माता-पिता की मौत के बाद परिवार की जिम्मेदारी और भविष्य की चिंता के बीच चेतन ने मृतक आश्रित के तौर पर नौकरी पाने के लिए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। लंबी कानूनी लड़ाई के बाद उन्हें अपने हक में सफलता मिली और करीब दो सप्ताह पहले ही वन विकास निगम में नौकरी मिली थी। इस नौकरी से परिवार को उम्मीद थी कि अब जिंदगी धीरे-धीरे पटरी पर लौटेगी और चेतन अपनी छोटी बहन के भविष्य को संवार सकेंगे।लेकिन सड़क हादसे ने परिवार की तमाम उम्मीदों पर पानी फेर दिया। जिस भाई के सहारे 12 वर्षीय बहन को भविष्य की राह आसान होने की उम्मीद थी, वह भी हमेशा के लिए उससे बिछड़ गया। हादसे के बाद मृतकों के रिश्तेदारों के साथ पहुंचे लोगों ने बताया कि चेतन और उनकी बहन पहले ही माता-पिता का साया खो चुके थे। अब चेतन की मौत ने उनकी बहन को फिर से गहरे दुख और असुरक्षा के बीच खड़ा कर दिया है। परिवार की यह दर्दनाक कहानी हर किसी को भावुक कर रही है।

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तीन दिन में पांच मौतें, बरेली रोड हाईवे पर हादसों ने बढ़ाई चिंता

लालकुआं। बरेली रोड हाईवे पर लगातार हो रहे सड़क हादसे लोगों को झकझोर रहे हैं। तेज रफ्तार वाहनों के कारण तीन दिन के भीतर दो भीषण हादसों में पांच लोगों की जान जा चुकी है। शुक्रवार शाम हल्द्वानी के निकट तीनपानी फ्लाईओवर पर तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकराने के बाद पलट गई थी। इस हादसे में तीन किशोरों की मौत हो गई थी।अभी इस हादसे का दुख कम भी नहीं हुआ था कि लालकुआं क्षेत्र में कैंटर और स्कूटी की भिड़ंत में दो और युवकों की मौत हो गई। इस तरह महज तीन दिनों में पांच लोगों की असमय मौत से सड़क सुरक्षा और तेज रफ्तार वाहनों पर नियंत्रण को लेकर चिंता बढ़ गई है।लालकुआं कोतवाली के वरिष्ठ उपनिरीक्षक दीपक बिष्ट ने बताया कि दुर्घटना में घायल दोनों युवकों को पुलिस ने तत्काल उपचार के लिए डॉ. सुशीला तिवारी राजकीय चिकित्सालय, हल्द्वानी पहुंचाया। हादसे के बाद मौके पर यातायात व्यवस्था सुचारु कराई गई। लगातार हो रही इन दुर्घटनाओं ने कई परिवारों को गहरे दुख में डुबो दिया है।

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