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खुशखबरी:- रेल मंत्रालय उत्तराखंड के बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री तक पहुंचाएगा रेलगाड़ी…

नई दिल्ली। केंद्र सरकार के सहयोग से रेल मंत्रालय देवभूमि उत्तराखंड के चारों धामों जिसमें बद्रीनाथ, केदारनाथ, यमुनोत्री और गंगोत्री तक रेल पहुंचाने के लिए सर्वेक्षण कार्य शुरू कर रहा है। पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री व नैनीताल उधम सिंह नगर संसदीय क्षेत्र से सांसद श्री अजय भट्ट ने केंद्रीय रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव से अंतरांकिक प्रश्न पूछते हुए उत्तराखंड सहित अन्य राज्यों में रेल मंत्रालय द्वारा अब तक स्वीकृत एवं लंबित प्रस्तावों के ब्यौरे के बारे में पूछा। इसके अलावा नई निर्माण अधिनियम रेल परियोजनाओं की जानकारी भी मांगी।

सांसद श्री अजय भट्ट के अतारांकिक प्रश्न के जवाब में केंद्रीय रेल मंत्री की तरफ से जवाब मिला कि उत्तराखण्ड राज्य में पूर्णतः अंशतः आने वाली अवसंरचनात्मक परियोजनाओं एवं संरक्षा कार्यों हेतु बजट आवंटन 2009-14 में 187 करोड़ रु. आवंटित हुए थे जबकि 2025-26 के लिए 4,641 करोड़ रु. (लगभग 25 गुना अधिक) बजट जारी किया ज्ञान । और 01.04.2025 तक की स्थिति के अनुसार, उत्तराखण्ड राज्य में पूर्णतः अंशतः आने वाली ₹40,384 करोड़ की लागत की 216 कि.मी. कुल लंबाई को कवर करने वाली 03 नई रेल लाइनों को स्वीकृत किया गया है। जिनमें से 16 कि.मी. लंबाई को कमीशन कर दिया गया है। और मार्च, 2025 तक ₹19,898 करोड़ का व्यय उपगत किया गया है। इसके अलावा परियोजनाओं की संख्या कुल लंबाई 216 किलोमीटर, की तीन नई लाइनो के लिए 2025 तक व्यय 19,898 करोड रुपए किया गया है।

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इसकेअलावा चारधाम को रेल संपर्कता मुहैया कराने के लिए ऋषिकेश-कर्णप्रयाग नई लाइन परियोजना (125 कि.मी.) स्वीकृत की गई है। इस परियोजना का संरेखण उत्तराखंड के देहरादून, टेहरी गढ़वाल, पौड़ी गढ़वाल, रुद्रप्रयाग और चमोली जिले से होकर गुजरता है और यह ऋषिकेष और भारत के राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के साथ देवप्रयाग और कर्णप्रयाग के धार्मिक एवं पर्यटक स्थलों से रेल संपर्कता प्रदान करेगा।

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परियोजना का संरेखण मुख्यतः सुरंगों से होकर गुजरता है। इस परियोजना में 104 कि.मी. लंबाई की 16 मुख्य लाइन सुरंगों और लगभग 98 कि.मी. लंबाई की 12 एस्केप सुरंगों का निर्माण शामिल हैं। अब तक 99 कि.मी. लंबाई की मुख्य सुरंगें तथा 94 कि.मी. से अधिक लंबाई की 09 एस्केप सुरंगें पूरी की जा चुकी हैं।

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निर्माण कार्यों की प्रगति में वृद्धि करने के लिए विभिन्न सुरंगों में 08 एडिट्स की पहचान की गई है। इन एडिट्स के माध्यम से सुरंग उत्खनन के अतिरिक्त कार्य सृजित हुए, जिससे लंबी सुरंगों को शीघ्र पूरा करने में तेजी आई है। सभी 08 एडिट्स (5 कि.मी.) के कार्य भी पूरे कर लिए गए हैं।

इस परियोजना में 19 महत्वपूर्ण/बड़े पुलों का निर्माण भी शामिल है। 19 महत्वपूर्ण बड़े पुलों में से 8 का निर्माण भी पूरा हो चुका है। शेष पुलों के निर्माण कार्य भी शुरू कर दिए गए हैं।

गंगोत्री, यमुनोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ तक रेल संपर्कता के विस्तार करने के लिए सर्वेक्षण कार्य पूरे कर लिए गए हैं।

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