उत्तराखण्ड

आंदोलन स्थल पर पहुंचे कैबिनेट मंत्री राम सिंह कैड़ा से बोले बिंदुखत्ता के ग्रामीण, धोखेबाजी नहीं चलेगी,

लालकुआं। बिंदुखत्ता
राजस्व गांव की मांग को लेकर आयोजित आंदोलन में मुख्यमंत्री के प्रतिनिधि के रूप में पहुंचे कैबिनेट मंत्री राम सिंह कैड़ा के साथ हुई वार्ता के बाद फिलहाल बेमियादी अनशन आगामी 4 अक्टूबर तक स्थगित कर दिया गया। संगठन ने चेतावनी दी है कि निर्धारित समय तक राजस्व गांव की अधिसूचना जारी नहीं हुई, तो 5 अक्टूबर से तहसील परिसर में अनिश्चितकालीन अनशन शुरू किया जाएगा।
वन अधिकार संगठन की ओर से अनिश्चितकालीन धरने की चेतावनी के बाद मुख्यमंत्री के प्रतिनिधि के रूप में कैबिनेट मंत्री राम सिंह कैड़ा ने सरकार का पक्ष रखते हुए कहा कि सरकार और बिंदुखत्तावासियों का रिश्ता परिवार जैसा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सैनिक परिवार से हैं और बिंदुखत्ता में बड़ी संख्या में पूर्व सैनिक निवास करते हैं, इसलिए क्षेत्रवासियों को सरकार पर विश्वास रखना चाहिए। मंत्री ने कहा कि सरकार बिंदुखत्ता को राजस्व गांव बनाने के लिए बीच का रास्ता तलाश रही है और इसके सकारात्मक परिणाम सामने आएंगे। उन्होंने वन अधिकार संगठन से सरकार को कुछ और समय देने का आग्रह किया।
इस पर संगठन के अध्यक्ष उमेश भट्ट ने कहा कि बिंदुखत्ता के लोग पिछले नौ वर्षों से सरकार को समय देते आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि राजस्व गांव से संबंधित तमाम दस्तावेज मुख्यमंत्री और शासन-प्रशासन को उपलब्ध कराए जा चुके हैं। इसके बावजूद वन अधिकार अधिनियम, 2006 के प्रावधानों के तहत कार्रवाई नहीं होने पर उन्होंने सवाल उठाया। इस दौरान ग्रामीणों ने जोर से नारेबाजी शुरू कर दी, कि धोखेबाजी नहीं चलेगी, नहीं चलेगी नहीं चलेगी।
वार्ता के दौरान मंत्री ने कहा कि धरना-प्रदर्शन और आंदोलन से निर्णय नहीं होते तथा आपसी सामंजस्य बनाए रखते हुए सरकार पर भरोसा किया जाना चाहिए। इस बात पर धरना स्थल पर मौजूद लोग नाराज हो गए और उन्होंने मंत्री के सामने अपनी नाराजगी व्यक्त करते हुए तत्काल राजस्व गांव घोषित करने की जोरदार मांग शुरू कर दी। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि बिंदुखत्ता के लोगों ने अपने हक-हकूकों की लड़ाई संघर्ष के माध्यम से लड़ी है और राजस्व गांव का दर्जा भी संघर्ष के जरिए ही हासिल किया जाएगा।
वन अधिकार संगठन ने आंदोलनकारियों से रायशुमारी की और 4 अक्टूबर तक का समय देने का निर्णय लिया।
संगठन ने स्पष्ट किया कि यदि 4 अक्टूबर तक बिंदुखत्ता को राजस्व गांव बनाने की अधिसूचना जारी नहीं होती है, तो तहसील परिसर में अनिश्चितकालीन अनशन शुरू किया जाएगा। संगठन ने इसके लिए शासन-प्रशासन को जिम्मेदार ठहराने की चेतावनी दी है।
इस दौरान कैबिनेट मंत्री राम सिंह कैड़ा ने दूरभाष पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और उत्तराखंड के मुख्य सचिव से वार्ता की। जिसके बाद सकारात्मक बातचीत होने के उपरांत उन्होंने आंदोलन को स्थगित करने का आवाहन किया। कैबिनेट मंत्री राम सिंह खेड़ा जैसे ही मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की तारीफ करते वैसे ही वहां मौजूद कई ग्रामीण पीछे से उनकी खिल्ली उड़ाने लगते। भारी विरोध के बाद प्रदर्शनकारियों ने फिलहाल 4 अक्टूबर तक आंदोलन स्थगित करने का निर्णय लिया।
फोटो परिचय- आंदोलन स्थल पर पहुंचकर बिंदुखत्ता वासियों को संबोधित करते कैबिनेट मंत्री राम सिंह कैड़ा

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