उत्तराखण्ड

गौला के कटाव से बढ़ा खतरा, स्थायी तटबंध को लेकर ग्रामीणों का लालकुआं में प्रदर्शन,

लालकुआं। गौला नदी के लगातार बढ़ते कटाव से गांवों और कृषि भूमि पर मंडरा रहे खतरे को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश बढ़ने लगा है। गौला नदी स्थायी तटबंध निर्माण संघर्ष समिति के बैनर तले दर्जनों ग्रामीणों ने तहसील परिसर में प्रदर्शन कर उपजिलाधिकारी रेखा कोहली को ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों ने गौला नदी पर स्थायी तटबंध निर्माण की प्रक्रिया तत्काल शुरू करने सहित कटाव प्रभावित क्षेत्रों में ठोस सुरक्षा उपाय किए जाने की मांग उठाई।
समिति ने ज्ञापन में कहा कि 27 सितंबर को लालकुआं में आयोजित बैठक में कैबिनेट मंत्री राम सिंह कैड़ा ने जिला प्रशासन को गौला नदी में बाढ़ सुरक्षा के लिए स्थायी तटबंध का विस्तृत स्टीमेट तैयार कराने के निर्देश दिए थे।समिति ने इन निर्देशों को शीघ्र अमल में लाते हुए तटबंध निर्माण की कार्रवाई शुरू करने की मांग की।
ग्रामीणों ने कहा कि गौला नदी का कटाव लगातार बढ़ रहा है, जिससे कृषि भूमि के साथ ही आबादी वाले क्षेत्रों पर भी खतरा मंडरा रहा है। उन्होंने मांग की कि देवरामपुर, लालकुआं और इमलीघाट गेटों से प्राप्त होने वाले खनन राजस्व की समुचित राशि गौला नदी के स्थायी तटबंध निर्माण और संरक्षण कार्यों में खर्च की जाए, ताकि नदी के कटाव पर प्रभावी ढंग से अंकुश लगाया जा सके।
समिति ने इंद्रानगर और इमलीघाट क्षेत्र में चुगान कार्य शुरू कराने की मांग भी की। ग्रामीणों का कहना है कि हाथी कॉरिडोर के कारण इन क्षेत्रों में चुगान कार्य बंद होने से नदी का पानी गांवों की ओर रुख कर रहा है, जिससे कृषि भूमि का कटाव लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने क्षेत्र की परिस्थितियों को देखते हुए आवश्यक प्रक्रिया के तहत चुगान कार्य कराए जाने की मांग की।
इसके साथ ही समिति ने पिछले पांच वर्षों में गौला नदी के कटाव से प्रभावित एवं नदी में समाई कृषि भूमि और आवासों का सर्वे कराकर पीड़ित परिवारों को उचित मुआवजा देने की मांग की है।
ग्रामीणों ने कहा कि वर्तमान में नदी के बहाव और कटाव की स्थिति को देखते हुए यदि समय रहते स्थायी तटबंध और अन्य सुरक्षा उपाय नहीं किए गए तो आगामी मानसून में स्थिति गंभीर हो सकती है। उन्होंने प्रशासन से मामले को गंभीरता से लेते हुए बाढ़ सुरक्षा के स्थायी समाधान की दिशा में तत्काल कार्रवाई करने की मांग की।
ज्ञापन देने वालों में उमेश चन्द्र भट्ट, राजेंद्र सिंह, रमेश सिंह, भूपेश नैनवाल, कंचन सिंह मोरा, दीवान सिंह भाकुनी, दर्शन सिंह कोरंगा सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल रहे।
फोटो परिचय- उप जिलाधिकारी लाल कुआं को ज्ञापन देते बिंदुखत्ता के ग्रामीण

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