उत्तराखण्ड

चुनावी सरगर्मी तेज: लालकुआं में मोहन बिष्ट और दीपेंद्र कोश्यारी ने दिखाई अपनी ताकत, सीएम दरबार में उठाए क्षेत्र के यह मुद्दे,

लालकुआं। विधानसभा चुनाव की आहट के बीच लालकुआं में सियासी गतिविधियां तेज होने लगी हैं। भाजपा के भीतर विधायक पद की दावेदारी को लेकर चर्चाओं के बीच क्षेत्रीय विधायक डॉ. मोहन सिंह बिष्ट और भाजपा नेता दीपेंद्र कोश्यारी ने देहरादून पहुंचकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के सामने क्षेत्र की समस्याओं और विकास से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। दोनों नेताओं की मुख्यमंत्री से अलग-अलग मुलाकातों को क्षेत्र में राजनीतिक सक्रियता और अपनी-अपनी ताकत दिखाने की कवायद के रूप में देखा जा रहा है।
क्षेत्रीय विधायक डॉ. मोहन बिष्ट द्वारा देहरादून भेजे गए लालकुआं के भाजपा कार्यकर्ताओं के शिष्टमंडल ने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर नगर पंचायत के सीमा विस्तार, लालकुआं को नगरपालिका अथवा नगर निगम बनाने सहित विभिन्न विकास कार्यों की मांग रखी। वहीं, भाजपा युवा मोर्चा के प्रदेश महामंत्री एवं विधानसभा क्षेत्र से विधायक पद के प्रबल दावेदार माने जा रहे दीपेंद्र कोश्यारी ने बिंदुखत्ता के भाजपा नेताओं और पूर्व सैनिकों के शिष्टमंडल के साथ मुख्यमंत्री से भेंट कर क्षेत्र की ज्वलंत समस्याओं के समाधान की मांग उठाई।
विधायक डॉ. मोहन बिष्ट द्वारा भेजे गए शिष्टमंडल ने लालकुआं नगर पंचायत का सीमा विस्तार कर नगरपालिका या नगर निगम बनाने की मांग की। साथ ही लाइनपार हाथीखाना, बंगाली कॉलोनी, संजय नगर, 25 एकड़ कॉलोनी और बजरी कंपनी क्षेत्र के विकास के लिए अलग नगरपालिका अथवा नगर निगम गठित करने का मुद्दा भी उठाया। इसके अलावा रेलवे फाटक पर आरओबी निर्माण, लालकुआं में बस स्टेशन बनने तक रोडवेज बसों को यात्रियों के लिए रोकने और बसों का संचालन टांडा के बजाय लालकुआं से कराने की मांग रखी गई।
शिष्टमंडल ने बिंदुखत्ता को राजस्व गांव का दर्जा देने, सरकारी विद्यालयों की भोजनमाताओं का मानदेय बढ़ाने, बीएससी नर्सिंग के विद्यार्थियों को छह माह की अनिवार्य इंटर्नशिप के दौरान 13 हजार रुपये मासिक मानदेय देने तथा विधानसभा क्षेत्र की क्षतिग्रस्त नहरों और गूलों के पुनर्निर्माण सहित अन्य विकास कार्यों को पूरा कराने की मांग भी की। बिंदुखत्ता को राजस्व गांव बनाने के मामले में मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव, वन एवं राजस्व विभाग के अधिकारियों तथा जिलाधिकारियों की बैठक शीघ्र बुलाने के निर्देश अपने निजी सचिव को दिए।
उधर, दीपेंद्र कोश्यारी के नेतृत्व में पहुंचे शिष्टमंडल ने बिंदुखत्ता को राजस्व गांव घोषित करने की अधिसूचना जल्द जारी करने, गौला नदी के कटाव से प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा दीवार एवं तटबंध निर्माण, गौला और नंधौर नदियों में खनन वाहनों की फिटनेस छूट अवधि बढ़ाने तथा अशोक चक्र से सम्मानित शहीद मोहन नाथ गोस्वामी के नाम पर घोषित स्टेडियम का निर्माण शीघ्र शुरू कराने की मांग की। मुख्यमंत्री ने इन विषयों को गंभीरता से सुनते हुए समाधान का आश्वासन दिया।
डॉ. मोहन बिष्ट द्वारा भेजे गए भाजपा मंडल अध्यक्ष अरुण जोशी, हरीश नैनवाल, सुंदर सिंह खनका, विकास गुप्ता, मुन्ना अंसारी और मनोज मौर्य मौजूद रहे। वहीं, दीपेंद्र कोश्यारी के साथ कैप्टन प्रताप सिंह बिष्ट, कैप्टन चंचल सिंह कोरंगा, मंडल मंत्री त्रिलोक सिंह राणा, मंडल कोषाध्यक्ष हरेंद्र रौतेला और ओबीसी मोर्चा अध्यक्ष शंभूनाथ गोस्वामी सहित अन्य लोग शामिल रहे।
दोनों नेताओं के समर्थकों की अलग-अलग मुलाकातों ने लालकुआं की सियासत में नई चर्चा छेड़ दी है। एक ओर मौजूदा विधायक डॉ. मोहन बिष्ट विकास कार्यों के जरिए अपनी सक्रियता सामने रख रहे हैं, तो दूसरी ओर दीपेंद्र कोश्यारी क्षेत्रीय समस्याओं को मुख्यमंत्री तक पहुंचाकर अपनी राजनीतिक मौजूदगी मजबूत करने में जुटे हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में लालकुआं भाजपा की अंदरूनी राजनीति और विधानसभा टिकट को लेकर हलचल और तेज होने के संकेत मिल रहे हैं।

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