
लालकुआं। निकटवर्ती क्षेत्र दुम्काबंगर बच्ची धर्मा स्थित प्राचीन भूमिया मंदिर प्रांगण में मंगलवार को भक्ति और श्रद्धा का अद्भुत संगम देखने को मिला। मंदिर परिसर में आयोजित संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का विधिवत शुभारंभ भव्य मंगल कलश यात्रा के साथ हुआ। धार्मिक उल्लास और भक्तिमय वातावरण के बीच निकली कलश यात्रा ने पूरे क्षेत्र को आध्यात्मिक रंग में रंग दिया। इस दौरान श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीकृष्ण के जयकारों के साथ धर्म और भक्ति के प्रति अपनी आस्था प्रकट की।
कथा व्यास आचार्य कपिल देव महाराज के नेतृत्व में प्रातःकाल विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई। इसके पश्चात प्राचीन भूमिया मंदिर से भव्य मंगल कलश यात्रा निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। विभिन्न गांवों से होकर गुजरी यह यात्रा पुनः मंदिर प्रांगण पहुंचकर संपन्न हुई। यात्रा के दौरान वातावरण भक्तिमय बना रहा और श्रद्धालुओं ने धार्मिक आयोजन में बढ़-चढ़कर सहभागिता की।
इस अवसर पर कथा व्यास आचार्य कपिल देव महाराज ने श्रद्धालुओं को श्रीमद्भागवत कथा के आध्यात्मिक महत्व से अवगत कराते हुए कहा कि श्रीमद्भागवत केवल एक धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि जीवन को सदाचार, प्रेम, करुणा और भक्ति के मार्ग पर ले जाने वाली दिव्य प्रेरणा है। भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं और उनके उपदेशों का श्रवण मनुष्य के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाता है तथा उसे सत्य और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। उन्होंने श्रद्धालुओं से कथा श्रवण कर उसके संदेशों को अपने जीवन में आत्मसात करने का आह्वान किया।
कथा के शुभारंभ से प्राचीन भूमिया मंदिर परिसर में धार्मिक उत्सव जैसा माहौल बना रहा। आयोजन में मुख्य यजमान बुद्धि बल्लभ नैनवाल, मंदिर कमेटी अध्यक्ष बंशीधर भट्ट, चंद्रशेखर भट्ट, मंदिर के पुजारी पंडित गोलू भट्ट, ललित धरियाल, कनिष्ठ ब्लॉक प्रमुख कमल भंडारी, केवलानंद फुलारा, रमेश चंद्र भट्ट, कैलाश चंद्र फुलारा, महेश सल्वासी, पीयूष भट्ट, बसंत भट्ट, जगदीश चंद्र भट्ट और गोपाल भट्ट सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं श्रद्धालु मौजूद रहे।
फोटो परिचय: बच्ची धर्मा स्थित प्राचीन भूमिया मंदिर में श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के शुभारंभ पर मंगल कलश यात्रा निकालते श्रद्धालु।



