लालकुआं। तराई पूर्वी वन प्रभाग की डौली रेंज के बौड़खत्ता क्षेत्र में शुक्रवार शाम जंगल में जलौनी लकड़ी बीनने गई 27 वर्षीय महिला पर विशालकाय जंगली हाथी ने अचानक हमला कर दिया। हाथी ने महिला को उठाकर जमीन पर पटक दिया और उसकी कमर पर पैर रख दिया। महिला की चीख-पुकार सुनकर हाथी जंगल की ओर चला गया। हमले में महिला की कमर और कूल्हे की हड्डी में गंभीर फ्रैक्चर हो गया। प्राथमिक उपचार के बाद उसे हल्द्वानी के डॉ. सुशीला तिवारी राजकीय चिकित्सालय रेफर किया गया है। घटना के बाद से बौड़खत्ता सहित आसपास के गुज्जर खत्तों में दहशत का माहौल है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार बौड़खत्ता स्थित खमारी खत्ता निवासी जुलेखा (27) पत्नी इमाम हुसैन शुक्रवार शाम घर के दैनिक उपयोग के लिए जंगल में सूखी लकड़ियां एकत्र करने गई थी। इसी दौरान अचानक पीछे से आए विशालकाय हाथी ने उस पर हमला बोल दिया। हाथी ने उसे उठाकर जमीन पर पटक दिया और कमर पर पैर रख दिया। अचानक हुए इस हमले से महिला बुरी तरह घायल हो गई। जुलेखा के जोर-जोर से चीखने-चिल्लाने पर हाथी उसे छोड़कर जंगल की ओर चला गया।
महिला की चीख-पुकार सुनकर आसपास मौजूद ग्रामीण मौके पर पहुंचे और तत्काल वन विभाग को घटना की सूचना दी। सूचना मिलते ही डौली रेंज के वन दरोगा पान सिंह मेहता, वन बीट अधिकारी रिहान अली और गोविंद मेहरा वन कर्मियों के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। ग्रामीणों और वन कर्मियों की मदद से घायल महिला को तत्काल लालकुआं के एक निजी अस्पताल पहुंचाया गया। वहां चिकित्सकों ने जांच के बाद महिला की कमर और कूल्हे की हड्डी में गंभीर फ्रैक्चर होने की पुष्टि की तथा ऑपरेशन की आवश्यकता बताई। हालत गंभीर होने के चलते उसे हल्द्वानी रेफर कर दिया गया।
इधर, घटना की सूचना मिलते ही डौली रेंज के वन क्षेत्राधिकारी प्रदीप कुमार पंत और एसडीओ गौला अनिल कुमार जोशी भी मौके पर पहुंचे। वन अधिकारियों ने घायल महिला को एंबुलेंस से डॉ. सुशीला तिवारी राजकीय चिकित्सालय हल्द्वानी पहुंचाकर भर्ती कराया। एसडीओ अनिल कुमार जोशी ने बताया कि वह स्वयं अस्पताल में मौजूद हैं और घायल महिला की हालत में पहले से सुधार है।
बताया जा रहा है कि घायल महिला के पति दुग्ध व्यवसाय से जुड़े हैं और उनकी तीन छोटी बेटियां हैं। परिवार की आजीविका का सहारा बनी महिला के साथ हुई इस घटना से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। वहीं जंगल से सटे खत्तों में हाथी की मौजूदगी और लगातार बढ़ते खतरे को लेकर ग्रामीणों में भय व्याप्त है। ग्रामीणों ने वन विभाग से क्षेत्र में हाथियों की आवाजाही पर निगरानी बढ़ाने की मांग की है।



