हल्द्वानी। उत्तराखंड में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर भाजपा ने कुमाऊं मंडल में संगठनात्मक गतिविधियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में भाजपा के प्रदेश प्रभारी राम माधव के गोपनीय कुमाऊं दौरे ने पार्टी के भीतर चुनावी हलचल बढ़ा दी है। उन्होंने कुमाऊं के आठों सांगठनिक जिलों के जिलाध्यक्षों से अलग-अलग मुलाकात कर विधानसभा चुनाव की तैयारियों और संभावित प्रत्याशियों को लेकर फीडबैक लिया।
राम माधव ने नैनीताल, ऊधम सिंह नगर, काशीपुर, रानीखेत, अल्मोड़ा, चंपावत, बागेश्वर और पिथौरागढ़ के जिलाध्यक्षों के साथ अलग-अलग बैठकें कीं। इन बैठकों में संगठन की सक्रियता, संबंधित क्षेत्रों में पार्टी की स्थिति, सरकार के कामकाज और आगामी विधानसभा चुनाव में टिकट के संभावित दावेदारों को लेकर चर्चा होने की जानकारी सामने आई है।
सूत्रों के मुताबिक, प्रदेश प्रभारी ने जिलाध्यक्षों से अपने-अपने क्षेत्रों में संभावित प्रत्याशियों की लोकप्रियता, संगठन के बीच उनकी पकड़ और चुनावी समीकरणों को लेकर जानकारी जुटाई। साथ ही सरकार के कामकाज को लेकर जनता के बीच क्या धारणा है और मौजूदा विधायकों की स्थिति कैसी है, इस पर भी फीडबैक लिया गया। प्रत्येक जिलाध्यक्ष से अलग-अलग बातचीत किए जाने को टिकट वितरण से पहले जमीनी रिपोर्ट जुटाने की कवायद के रूप में देखा जा रहा है।
इस दौरान कुमाऊं में रहने वाले कुछ प्रदेश पदाधिकारियों ने भी राम माधव से मुलाकात की। प्रदेश प्रभारी का यह दौरा ऐसे समय हुआ है, जब भाजपा आगामी विधानसभा चुनाव के लिए संगठन को मजबूत करने के साथ ही संभावित प्रत्याशियों के चयन की तैयारियों में जुटी है।
हालांकि, भाजपा की ओर से इस दौरे और बैठकों के एजेंडे को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की गई है, लेकिन गोपनीय बैठकों के बाद पार्टी के संभावित टिकट दावेदारों की निगाहें अब संगठन के अगले कदम पर टिक गई हैं।



