उत्तराखण्ड

देवभूमि की सांस्कृतिक धरोहर को संवारने की मुहिम, मुख्यमंत्री धामी से मिले कथा व्यास कपिल देव महाराज

हल्द्वानी। उत्तराखंड की धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत को नई पहचान दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए प्रसिद्ध कथावाचक आचार्य कपिल देव व्यास ने यज्ञाचार्यों एवं विद्वान आचार्यों के साथ देहरादून पहुंचकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान प्रदेश की धार्मिक परंपराओं, सनातन संस्कृति के संरक्षण और देवस्थलों के समग्र विकास को लेकर विस्तार से चर्चा हुई।
भेंट के दौरान आचार्य कपिल देव व्यास महाराज ने उत्तराखंड के प्रसिद्ध मंदिरों एवं प्राचीन देवस्थलों के व्यापक प्रचार-प्रसार, संरक्षण और संवर्धन की आवश्यकता पर जोर देते हुए इन्हें राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए ठोस कदम उठाने का आग्रह किया। साथ ही प्रदेश की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक धरोहर को सहेजने के लिए विभिन्न सुझाव भी मुख्यमंत्री के समक्ष रखे गए।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सभी प्रस्तावों को गंभीरता से सुनते हुए सकारात्मक रुख अपनाया और उत्तराखंड की धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण तथा देवस्थलों के विकास के लिए हरसंभव प्रयास करने का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश की आध्यात्मिक पहचान को और अधिक सशक्त बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
फोटो परिचय- विभिन्न आचार्यों के साथ मुख्यमंत्री धामी से वार्ता करते बाल ब्यास कपिल देव महाराज

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