
हल्द्वानी। गौला पुल से नदी में छलांग लगाने वाले 17 वर्षीय छात्र का शव सोमवार सुबह एसडीआरएफ और पुलिस की संयुक्त टीम ने बरामद कर लिया। उसकी पहचान बरेली रोड के मोती नगर निवासी 12वीं के छात्र प्रियांशु बिष्ट के रूप में हुई है, घटना की जानकारी मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया है।
रविवार शाम एक किशोर के गौला नदी में कूदने की सूचना मिलने के बाद शुरू हुआ रेस्क्यू अभियान देर रात तक चलता रहा, लेकिन अंधेरे के कारण सफलता नहीं मिल सकी। सोमवार सुबह दोबारा अभियान शुरू किया गया, जिसके बाद किशोर का शव नदी से निकाल लिया गया।
जानकारी के अनुसार रविवार शाम करीब पांच बजे बनभूलपुरा कोतवाली पुलिस को सूचना मिली कि एक किशोर ने गौला पुल से नदी में छलांग लगा दी है। सूचना मिलते ही उपनिरीक्षक मनोज यादव, उपनिरीक्षक गंगदीप सिंह और कांस्टेबल महबूब अली मौके पर पहुंचे तथा स्थानीय लोगों और तैराकों की मदद से नदी में तलाश शुरू की।
बाद में एसडीआरएफ की टीम भी मौके पर पहुंची और रात करीब 8:30 बजे तक लगातार सर्च ऑपरेशन चलाया, लेकिन किशोर का कोई सुराग नहीं मिल पाया। सोमवार सुबह करीब 5:30 बजे एसडीआरएफ और पुलिस ने दोबारा अभियान शुरू किया। काफी तलाश के बाद नदी से 17 वर्षीय किशोर का शव बरामद कर लिया गया। मृतक की पहचान प्रियांशु बिष्ट पुत्र गोविंद सिंह, निवासी मोतीनगर, हाथीखाल, मां जगदंबा कॉलोनी के रूप में हुई। वह कक्षा 12 का छात्र था। रेस्क्यू अभियान में एसडीआरएफ से एसआई मनीष भाकुनी के साथ एएसआई हेमंत कुमार, पुलिसकर्मी लक्ष्मण, हरीश रावत और सुच्चा सिंह सहित पुलिस टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। घटना के बाद परिजनों में कोहराम मचा हुआ है। ग्राम प्रधान विपिन जोशी के अनुसार परिवार का इकलौता बेटा प्रियांशु बहुत ही मेहनती और माता-पिता का सम्मान करने वाला था, परंतु मोबाइल में गेम खेलने पर मां की डांट से नाराज प्रियांशु ने यह आत्मघाती कदम उठा दिया। प्रियांशु की एक छोटी बहन है, जबकि पिताजी एक निजी कंपनी से सेवानिवृत हुए हैं।





