नैनीताल। नैनीताल जनपद में खाकी को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। आरोप है कि ज्योलीकोट क्षेत्र में महिला के छेड़छाड़ के आरोपित पर्यटकों को पुलिस ने 18 हजार लेकर छोड़ दिया। स्थानीय लोगों के विरोध पर पुलिस ने रकम लौटा दी। मामला एसएसपी तक पहुंचा तो चौकी इंचार्ज व कांस्टेबल को लाइन हाजिर कर दिया गया है।
14 अगस्त की रात ज्योलीकोट के कुछ ग्रामीणों ने चौकी पुलिस को सूचना दी कि स्कार्पियों सवार चार पर्यटकों ने क्षेत्र में महिला के साथ छेड़छाड़ कर दी है। पुलिस ने वायरलेस पर सूचना देने के बाद पर्यटक वाहन को रानीबाग में पकड़ लिया।
आरोप है कि पर्यटकों को ज्योलीकोट चौकी लाने के बाद पुलिस ने 18 हजार रुपये लेकर मामला रफादफा कर दिया गया।
जब शिकायत के बाद भी पर्यटकों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई तो क्षेत्रवासी दबाव बनाने लगे। इस पर पर्यटकों को 18 हजार रुपये यूपीआई से वापस कर दिए गए लेकिन क्षेत्रवासियों का आक्रोश कम नहीं हुआ। इंटरनेट मीडिया पर पुलिस पर तमाम आरोप लगे तो मामला एसएसपी मंजूनाथ टीसौ तक पहुंच गया। एसएसपी ने तत्काल प्रभाव से ज्योलीकोट चौकी इंचार्ज श्याम बोरा व कांस्टेबल धमेंद्र साहनी को लाइन हाजिर कर दिया है।
इधर एसएसपी, नैनीताल डॉ मंजूनाथ टीसी का कहना है कि
महिला से छेड़छाड़ के आरोपितों के विरुद्ध कार्रवाई के बजाय रुपये लेने की शिकायत मिली थी। ऑनलाइन भुगतान से इसकी पुष्टि भी हो गई है। मामले में चौकी इंचार्ज श्याम बोरा व कांस्टेबल धमेंद्र साहनी पर लाइनहाजिर की कार्रवाई की गई है।




