उत्तराखण्ड

देश के चर्चित निठारी कांड के सुरेंद्र कोली की हरिद्वार में संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत,

हरिद्वार। देश के सबसे चर्चित और भयावह मामलों में शामिल निठारी कांड एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है। इस मामले के आरोपी रहे सुरेंद्र कोली का शुक्रवार को हरिद्वार के उत्तरी क्षेत्र भूपतवाला में संदिग्ध परिस्थितियों में शव बरामद हुआ। पुलिस के अनुसार उसका शव चाय की दुकान के भीतर फंदे से लटका मिला। प्रथम दृष्टया पुलिस इसे आत्महत्या मानकर जांच कर रही है, हालांकि मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही हो सकेगी। मौके से तत्काल कोई सुसाइड नोट मिलने की जानकारी नहीं है। (The New Indian Express)

बताया जा रहा है कि जेल से रिहाई के बाद सुरेंद्र कोली हरिद्वार में रह रहा था और भूपतवाला क्षेत्र में चाय की दुकान चला रहा था। इसी दुकान के भीतर उसका शव मिलने की सूचना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू की। कोली की मौत की खबर सामने आते ही करीब दो दशक पुराने निठारी कांड की भयावह यादें एक बार फिर ताजा हो गई हैं। (The New Indian Express)

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सुरेंद्र कोली का नाम वर्ष 2005-06 के दौरान नोएडा के निठारी क्षेत्र से सामने आए उस मामले से जुड़ा था, जिसने पूरे देश को झकझोर दिया था। नोएडा के सेक्टर-31 स्थित निठारी गांव के आसपास से बच्चों और महिलाओं के लगातार लापता होने की शिकायतें सामने आ रही थीं। 29 दिसंबर 2006 को सेक्टर-31 स्थित डी-5 कोठी के पीछे नाले से मानव खोपड़ियां, कंकाल और कपड़ों के अवशेष मिलने के बाद मामला अचानक देशभर में चर्चा का विषय बन गया। इसके बाद जांच का दायरा बढ़ता गया और बड़ी संख्या में मानव अवशेष बरामद किए गए। (Business Standard)

इस मामले में कोठी के मालिक मोनिंदर सिंह पंढेर और उसके घरेलू सहायक सुरेंद्र कोली के नाम प्रमुखता से सामने आए। पुलिस जांच के बाद मामला सीबीआई को सौंपा गया और दोनों के खिलाफ अलग-अलग मामलों में मुकदमे चले। निठारी कांड की भयावहता और उससे जुड़े मुकदमों ने वर्षों तक देशभर का ध्यान अपनी ओर खींचे रखा। (Business Standard)

फांसी की सजा से सुप्रीम कोर्ट की बरी तक

निठारी कांड से जुड़े मामलों में सुरेंद्र कोली को कई मामलों में दोषी ठहराया गया और उसे मृत्युदंड तक सुनाया गया। हालांकि बाद की न्यायिक प्रक्रिया में इन मामलों में बड़े बदलाव आए। वर्ष 2023 में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कोली और मोनिंदर सिंह पंढेर को निठारी से जुड़े मामलों में साक्ष्यों की कमी के आधार पर बरी कर दिया। इसके बाद मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा। (India Today)

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नवंबर 2025 में सुप्रीम कोर्ट ने निठारी कांड से जुड़े सुरेंद्र कोली के अंतिम लंबित आपराधिक मामले में भी उसकी सजा और दोषसिद्धि को निरस्त करते हुए उसे बरी कर दिया। इसके साथ ही उसके जेल से बाहर आने का रास्ता साफ हुआ। न्यायालय ने अपने फैसले में साक्ष्यों और पूर्व में स्वीकार किए गए बयानों से जुड़ी गंभीर कानूनी कमियों पर भी गौर किया था। (SCC Online®)

फिल्म तक पहुंचा था निठारी कांड

निठारी कांड की भयावह कहानी ने केवल अदालत और देश की जांच एजेंसियों को ही नहीं, बल्कि फिल्म जगत को भी प्रभावित किया। इस चर्चित मामले से प्रेरित 2024 की हिंदी फिल्म ‘सेक्टर 36’ भी बनी, जिसने एक बार फिर निठारी की घटना को व्यापक चर्चा में ला दिया। (India Today)

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अल्मोड़ा के पैतृक गांव में भी फिर चर्चाएं

सुरेंद्र कोली का पैतृक संबंध अल्मोड़ा जिले के स्याल्दे क्षेत्र से बताया जाता है। उसका पैतृक घर अब जर्जर होकर खंडहर में तब्दील हो चुका है। हरिद्वार में उसकी मौत की खबर पहुंचने के बाद स्याल्दे क्षेत्र में भी पुराने मामले को लेकर चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। करीब दो दशक पहले निठारी कांड के सामने आने के बाद जिस नाम ने पूरे देश को झकझोर दिया था, उसका अंतिम अध्याय हरिद्वार की एक छोटी-सी चाय की दुकान में इस तरह सामने आएगा, शायद इसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की होगी।

फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही सुरेंद्र कोली की मौत की परिस्थितियों को लेकर स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।

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