हल्द्वानी। एक दर्जन युवकों ने नशे में धुत होकर जबरदस्त मारपीट करते हुए एक युवक को इतना मारा कि वह पहले हल्द्वानी के विभिन्न अस्पतालों में ले जाया गया, उसके बाद अब दिल्ली के अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहा है। मामले में पुलिस ने एक्शन लेते हुए आरोपी पक्ष के खिलाफ जबरदस्त कार्रवाई की है। पुलिस की मजबूत पैरवी का असर यह हुआ कि हत्या के प्रयास के तहत मुख्य अभियुक्तों का रिमांड स्वीकृत कर लिया गया, और सह अभियुक्त के विरुद्ध गैर-जमानती वारंट जारी किया गया है।
दिनांक 06.07.2026 की रात्रि को वादी हिमांशु रैक्वाल निवासी: राजारानी विहार, हल्द्वानी के भीमताल स्थित रेस्टोरेंट के बाहर रात के समय अभियुक्तों—राहुल रावत, गौरांग रौतेला, आयुष बोरा, अजय कुल्याल, गौरव कुल्याल सहित लगभग 10-12 लोगों ने शराब के नशे में हंगामा किया। विरोध करने पर उन्होंने वादी के साथ मारपीट की और जान से मारने की नीयत से उनके सिर पर लोहे के निकल (रॉड/औज़ार) से घातक वार किया। पीड़ित पक्ष द्वारा तुरंत 112 पर कॉल किए जाने पर आरोपी मौके से फरार हो गए।
पुलिस के आने के बाद भी आरोपियों के हौसले बुलंद थे। आधी रात को उक्त लोग अपने अन्य साथियों के साथ वैरायटी रेस्टोरेंट और अस्पताल पहुँचे। वहाँ उन्होंने वादी के मामा रमेश किरौला और उनके भाई पर दोबारा कातिलाना हमला कर दिया। इस बर्बर मारपीट में रमेश किरौला के भाई के सिर पर गंभीर टांके आए और वादी के मामा रमेश किरौला का कंधा फ्रैक्चर हो गया।
चोटिल रमेश किरौला की स्थिति लगातार बिगड़ती चली गई। बेहतर इलाज के लिए उन्हें पहले डॉ. सुशीला तिवारी राजकीय चिकित्सालय (हल्द्वानी), फिर कृष्णा हॉस्पिटल (ठंडी सड़क, हल्द्वानी) के आईसीयू में और वर्तमान में मैक्स अस्पताल, पटपड़गंज, दिल्ली में भर्ती कराया गया है, जहाँ वे अभी भी कोमा में जीवन और मृत्यु के बीच संघर्ष कर रहे हैं।
मामले में तत्काल संज्ञान लेते हुए डॉ0 मंजूनाथ टी०सी० एसएसपी नैनीताल द्वारा सुसंगत धाराओं में अभियोग दर्ज करने के सख्त निर्देश दिये गए।
जिस क्रम में श्री राजेश यादव प्रभारी निरीक्षक भीमताल द्वारा कोतवाली भीमताल पर मु0अ0सं0- 30/2026, धारा 110/115/118(2)/352/351/324(2)/190(2)/190 बीएनएस के तहत मुकदमा पंजीकृत किया गया था। जिसकी विवेचना उपनिरीक्षक महेंद्र राज सिंह को सुपुर्द की गई। विवेचना के दौरान पीड़ित रमेश किरौला की अत्यधिक गंभीर चिकित्सीय स्थिति, पुष्टिकारक साक्ष्यों और जानलेवा चोटों को मध्यनजर रखते हुए पुलिस द्वारा मामले में धारा 109(1) बीएनएस (हत्या का प्रयास) की गंभीर धाराओं की वृद्धि की गई।
आरंभिक चरण में पुलिस ने चार मुख्य अभियुक्तों—(1) राहुल रावत, (2) गौरांग रौतेला, (3) अजय कुल्याल, और (4) गौरव कुल्याल—को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय में पेश किया था। हालांकि, उस समय मा0 न्यायालय ACJM नैनीताल द्वारा धारा 110 बीएनएस पर रिमांड न देकर प्रतिवादीगणों को जमानत दे दी गई थी।
इसके बाद, वादी द्वारा मामले में माननीय उच्च न्यायालय, नैनीताल में रिवीजन याचिका दायर की गई।
मा० उच्च न्यायालय ने मामले की गंभीरता को देखते हुए इसकी पुनः सुनवाई हेतु माननीय जिला एवं सत्र न्यायाधीश नैनीताल को आदेशित किया, जिसके क्रम में माननीय मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, नैनीताल की अदालत में इस मामले की सुनवाई की गई। सुनवाई में उक्त मामले में वादी, प्रतिवादी, विवेचक एवं अभियोजन पक्ष उपस्थित हुए।
एसएसपी नैनीताल डॉ० मंजूनाथ टी०सी० के कुशल मार्गदर्शन, DGC क्राइम श्री सुशील शर्मा की मजबूत पैरवी एवं विवेचनाधिकारी/प्रभारी निरीक्षक भीमताल श्री राजेश कुमार यादव की उत्कृष्ट विवेचना के फलस्वरूप माननीय मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, नैनीताल द्वारा अभियुक्तों के विरुद्ध 14 दिन का रिमांड स्वीकृत किया गया:
- गौरव कुल्याल उर्फ गुल्ली (निवासी: जंगलिया गाँव, भीमताल)
- राहुल सिंह रावत (निवासी: भरतपुर, भीमताल)
- अजय कुल्याल (निवासी: जंगलिया गाँव, भीमताल)
इन तीनों अभियुक्तों को पुलिस द्वारा विधिवत न्यायिक हिरासत में लेकर गिरफ्तार कर जिला कारागार नैनीताल में निरुद्ध कर दिया गया है।
इसके साथ ही, सह-अभियुक्त गौरांग रौतेला के विरुद्ध माननीय न्यायालय द्वारा NBW (गैर-जमानती वारंट) जारी किया गया है।
प्रकरण में शामिल अन्य अभियुक्तों की तलाश जारी है तथा विवेचना प्रचलित है।
नैनीताल पुलिस अपराधियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करने और कानून का राज स्थापित करने के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है।




