लालकुआं। वन अधिकार संगठन बिंदुखत्ता की ओर से राजस्व ग्राम की मांग को लेकर एक बार फिर आंदोलन तेज करने की तैयारी की गई है। संगठन ने “जन-जन की सरकार कब आएगी” शीर्षक से कार्यक्रम आयोजित करने की घोषणा की है, जिसके तहत 4 व 5 मई 2026 को शहीद स्मारक बिंदुखत्ता में क्रमिक अनशन का कार्यक्रम किया जाएगा, जबकि 6 मई को यहीं विशाल जनसभा आयोजित की जाएगी।
संगठन द्वारा पत्रकार वार्ता के दौरान बताया गया है कि बिंदुखत्ता के निवासी पीढ़ियों से यहां बसे होने के बावजूद उनको अभी तक राजस्व ग्राम का दर्जा नहीं मिल पाया है, जबकि वे वन अधिकार अधिनियम 2006 के तहत पात्रता पूरी करते हैं। संगठन का कहना है कि यह केवल कानूनी प्रक्रिया नहीं, बल्कि राजनीतिक इच्छाशक्ति का भी विषय है।
पत्र में उल्लेख किया गया है कि जिला स्तरीय समिति (डीएलसी) ने पूर्व में प्रस्ताव शासन को भेजा था, लेकिन लंबे समय के बाद भी कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया। बाद में शासन स्तर से फाइल वापस कर दी गई और पुनः परीक्षण के निर्देश दिए गए। इसके बाद जिलाधिकारी नैनीताल द्वारा भी अधिसूचना जारी कराने के बजाय दावों के पुनः परीक्षण के आदेश दिए गए, जिससे मामला और लंबित हो गया।
वनाधिकार समिति का कहना है कि इस मुद्दे पर लगातार राज्य स्तरीय अधिकारियों से पत्राचार किया जा रहा है, लेकिन अब तक कोई संतोषजनक कार्रवाई नहीं हुई है। साथ ही, जनप्रतिनिधियों द्वारा भी कोई स्पष्ट संवाद सामने नहीं आया है, जिससे स्थानीय लोगों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
इसी के विरोध में ग्रामीणों द्वारा अब चरणबद्ध आंदोलन का निर्णय लिया गया है। 4 और 5 मई को आयोजित कार्यक्रम में क्रमिक अनशन, सरकार और प्रशासन से संवाद तथा वनाधिकार कानून के तहत बिंदुखत्ता को राजस्व ग्राम घोषित करने की मांग को लेकर खुली चर्चा की जाएगी।





