हल्द्वानी। पर्वतीय क्षेत्रों में हो रही भारी बारिश के चलते गौला नदी का जलस्तर अचानक बढ़ने से रानीबाग स्थित चित्रशिला घाट पर मंगलवार को बड़ा हादसा हो गया। अंतिम संस्कार के दौरान नदी का तेज बहाव घाट तक पहुंच गया और देखते ही देखते अंतिम संस्कार के लिए लगाई गईं दो चिताएं शवों समेत गौला नदी में बह गईं। हादसे के बाद घाट पर अफरातफरी मच गई। परिजनों और स्थानीय लोगों ने नदी किनारे शवों की तलाश की, लेकिन देर शाम तक दोनों शवों का कोई सुराग नहीं लग सका।
जानकारी के अनुसार गौलापार निवासी नवीन भट्ट की 95 वर्षीय दादी नीलावती देवी का गत दिवस निधन हो गया था। मंगलवार को परिजन उनका अंतिम संस्कार करने रानीबाग स्थित चित्रशिला घाट पहुंचे। बारिश के कारण चिता ठीक से नहीं जल पा रही थी। इसी दौरान करीब पौने 12 बजे गौला नदी का बहाव अचानक तेज हो गया। नदी का पानी कटान करते हुए घाट के किनारे तक पहुंचा और देखते ही देखते चिता को अपनी चपेट में ले लिया। परिजन कुछ समझ पाते, इससे पहले चिता शव समेत तेज बहाव में बह गई।
इसी दौरान रुद्रपुर से आया एक अन्य परिवार भी घाट पर अंतिम संस्कार कर रहा था। बताया गया कि दूसरी चिता में शव करीब 70 प्रतिशत तक जल चुका था। अचानक बढ़े नदी के बहाव ने इस चिता को भी अपनी चपेट में ले लिया और वह भी शव समेत नदी में बह गई।
दोनों चिताओं के बहने के बाद घाट पर हड़कंप मच गया। परिजनों व स्थानीय लोगों ने आसपास के क्षेत्र में शवों की तलाश की, लेकिन नदी का बहाव बेहद तेज होने के कारण उसमें उतरना संभव नहीं था। देर शाम तक दोनों शवों का पता नहीं चल सका।
हादसे के बाद पुलिस अलर्ट
घटना के बाद पुलिस ने गौला नदी के संवेदनशील क्षेत्रों में लोगों के नदी किनारे जाने पर रोक लगा दी है। संवेदनशील स्थानों पर पुलिसकर्मियों की तैनाती कर शिफ्टवार निगरानी शुरू कर दी गई है। एसपी सिटी मनोज कुमार कत्याल ने बताया कि तेज बहाव के चलते दो चिताएं शवों समेत नदी में बह गईं। उन्होंने लोगों से नदी के किनारे जाने से बचने की अपील करते हुए नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी दी है।




