उत्तराखण्ड

अपनों ने ठुकराया, समाज ने अपनाया: अकेली बुजुर्ग अम्मा को दी लालकुआं में सम्मान से अंतिम विदाई,

लालकुआं। नागला बाईपास के समीप पिछले करीब 11-12 वर्षों से अकेले जीवन बिता रही एक बुजुर्ग महिला का बुधवार को अचानक निधन हो गया। महिला का कोई परिजन या संबंधी नहीं होने के बावजूद स्थानीय समाजसेवियों ने इंसानियत की मिसाल पेश करते हुए आगे बढ़कर उनका अंतिम संस्कार पूरे धार्मिक रीति-रिवाज के साथ किया।

बुधवार दोपहर करीब तीन बजे बुजुर्ग महिला ने अपने आवास में अंतिम सांस ली। सूचना मिलने पर लालकुआं-रुद्रपुर टेंपो यूनियन के अध्यक्ष विक्की पाठक समेत स्थानीय समाजसेवी मौके पर पहुंचे। महिला का कोई अपना नहीं होने पर सभी ने सामूहिक रूप से उनके अंतिम संस्कार की जिम्मेदारी उठाई।

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समाजसेवियों ने बुजुर्ग महिला के पार्थिव शरीर को लालकुआं मुक्तिधाम श्मशान घाट पहुंचाया, जहां पूरे धार्मिक रीति-रिवाज के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान मौजूद लोगों ने कहा कि जीवन में भले ही बुजुर्ग महिला अकेली रहीं, लेकिन अंतिम समय में समाज ने उन्हें अकेला नहीं छोड़ा।

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इस मानवीय पहल में नरेश, राधा बल्लभ जोशी, वीर बहादुर मिश्रा, विक्की पाठक, कुंवर सिंह, अनिल जोशी, सुनील प्रसाद, गोपाल जोशी, संदीप रस्तोगी, सुभाष, सुनील कुमार और हिमांशु पांडेय सहित अन्य स्थानीय लोगों ने सहयोग किया।

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बुजुर्ग महिला को सम्मानपूर्वक अंतिम विदाई देकर समाजसेवियों ने इंसानियत और सामाजिक जिम्मेदारी की एक भावुक मिसाल पेश की।

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