लालकुआं। अब किसी व्यक्ति को चेक देकर ऑनलाइन पैसा लेना आपको सलाखों के पीछे पहुंचा सकता है, ऐसा ही एक मामला लालकुआं निवासी कारोबारी के साथ हो गया है, न्यायालय ने उक्त कारोबारी पर भारी भरकम जुर्माना लगाने के साथ-साथ उसे 6 माह कारावास की सजा सुनाई है। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (विशेष एनआई एक्ट), हल्द्वानी की अदालत ने चेक बाउंस मामले में लालकुआं निवासी मोहम्मद मुस्ताक अहमद को दोषी करार देते हुए छह माह के साधारण कारावास और 1.93 लाख रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड में से 1.83 लाख रुपये काशीपुर अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक, लालकुआं शाखा को क्षतिपूर्ति के रूप में देने के आदेश दिए गए हैं।
मामला पांच लाख रुपये के बैंक ऋण से जुड़ा है। ऋण की बकाया राशि के भुगतान के लिए आरोपी ने 2,61,792 रुपये का चेक दिया था, जो पर्याप्त धनराशि नहीं होने के कारण अनादरित हो गया। बैंक की ओर से कानूनी नोटिस भेजे जाने के बावजूद भुगतान न होने पर धारा 138 परक्राम्य लिखत अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया।
सुनवाई के दौरान आरोपी ने चेक को सुरक्षा के तौर पर दिए जाने का तर्क दिया, लेकिन अदालत ने इसे पर्याप्त साक्ष्यों के अभाव में स्वीकार नहीं किया। मुकदमे के दौरान आरोपी ने अलग-अलग तारीखों में कुल 74,500 रुपये जमा किए थे, जिसे अदालत ने ध्यान में रखा।
अदालत ने चेक पर आरोपी के हस्ताक्षर, ऋण बकाया होने और कानूनी नोटिस की तामील सहित सभी तथ्यों के आधार पर उसे दोषी माना। 12 अगस्त 2026 को अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मीनाक्षी शर्मा ने फैसला सुनाते हुए छह माह की सजा और 1.93 लाख रुपये अर्थदंड लगाया। अर्थदंड जमा न करने पर एक माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।




