देहरादून। भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं ने समाज कल्याण विभाग की योजनाओं को लेकर मंत्री खजान दास के आवास में जबरदस्त धरना प्रदर्शन किया। जिसमें बीजेपी के कार्यकर्ताओं ने चकराता क्षेत्र में भारी गड़बड़ी होने और पार्टी कार्यकर्ताओं की अवहेलना का आरोप लगाया है. खास बात ये है कि इस मामले में पार्टी कार्यकर्ताओं ने अपनी ही सरकार के कैबिनेट मंत्री के घर के बाहर जोरदार प्रदर्शन भी किया है.
उत्तराखंड में धामी सरकार के सामने उस समय असहज स्थिति पैदा हो गई, जब बीजेपी के ही कार्यकर्ताओं ने अपनी सरकार के कैबिनेट मंत्री और समाज कल्याण मंत्री खजान दास पर गंभीर आरोप लगाते हुए उनके सरकारी आवास के बाहर प्रदर्शन किया. मामला समाज कल्याण विभाग की अवस्थापना से जुड़ी योजनाओं में कथित अनियमितताओं और योजनाओं के वितरण में प्राथमिकता को लेकर है।
बीजेपी कार्यकर्ताओं का आरोप है कि समाज कल्याण विभाग की इन योजनाओं में बड़े स्तर पर कमीशनखोरी और भ्रष्टाचार हुआ है. कार्यकर्ताओं का कहना है कि उन्होंने इस मामले को लेकर कैबिनेट मंत्री से बातचीत भी की, लेकिन उनकी शिकायतों का समाधान नहीं हुआ. इसके बाद कार्यकर्ताओं का आक्रोश खुलकर सामने आया और उन्होंने मंत्री के सरकारी आवास के बाहर धरना-प्रदर्शन किया।
कार्यकर्ताओं का आरोप- योजनाओं में बीजेपी कार्यकर्ताओं की हुई अनदेखी:बीजेपी नेत्री मधु चौहान ने आरोप लगाया कि पार्टी कार्यकर्ताओं में इस मामले को लेकर भारी नाराजगी है. उनका कहना है कि समाज कल्याण विभाग की योजनाओं में बीजेपी कार्यकर्ताओं को प्राथमिकता मिलनी चाहिए थी, लेकिन इसके उलट कांग्रेस से जुड़े लोगों को लाभ दिए जाने का आरोप है।
कार्यकर्ताओं ने दावा किया कि चुनाव से पहले इन योजनाओं में करीब 80 फीसदी लाभ कांग्रेस कार्यकर्ताओं को दिए गए. कार्यकर्ताओं का कहना है कि इस संबंध में वो मंत्री से मुलाकात कर अपनी बात रख चुके हैं, लेकिन उन्हें कोई सकारात्मक जवाब नहीं मिला. इसी के बाद विरोध प्रदर्शन का रास्ता अपनाया गया. बता दें कि मधु चौहान वर्तमान में विकासनगर से बीजेपी विधायक मुन्ना सिंह चौहान की धर्मपत्नी हैं.
“बीती 11 सितंबर कोअनुसूचित जाति उप योजना (SCSP) और जनजाति उप योजना (TSP)से जुड़ी योजनाओं की सूची जारी की गई. योजनाओं में बीजेपी कार्यकर्ताओं की अनदेखी की गई है. हमने मंत्री जी से मांग रखी थी, लेकिन कोई ठोस आश्वासन नहीं मिला. जिस वजह से कार्यकर्ताओं में आक्रोश है. अपनी सरकार में ही कार्यकर्ताओं की अनदेखी होगी, तो कार्यकर्ता के पास कोई ओर रास्ता नहीं बचता है. वो धरने पर ही बैठेगा.”-मधु चौहान, बीजेपी नेत्री




