उत्तराखण्ड

दौड़ते-दौड़ते बेटे की मौत, सदमे में मां ने सरयू में छलांग लगाकर दी जान

पिथौरागढ़। वड्डा क्षेत्र के झौलखेत खेल मैदान में शनिवार सुबह शारीरिक अभ्यास के दौरान 9वीं कक्षा के 15 वर्षीय छात्र जतिन जोशी की अचानक गश खाकर गिरने से मौत हो गई। बेटे की मौत की खबर से सदमे में आई मां पूनम उर्फ पुष्पा जोशी ने कुछ ही देर बाद सरयू नदी में छलांग लगाकर जान दे दी। इस दर्दनाक घटना से परिवार और क्षेत्र में शोक की लहर है।
मड़ेगांव वड्डा निवासी कैलाश चंद्र जोशी का बेटा जतिन रोज की तरह सुबह करीब छह बजे दौड़ लगाने झौलखेत मैदान पहुंचा था। दौड़ते समय वह अचानक मैदान में गिर पड़ा। मां पूनम उसे लेकर करीब आठ बजे जिला अस्पताल पहुंचीं, जहां डॉक्टर राहुल प्रधान ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।
बेटे की मौत से मां गहरे सदमे में चली गईं। परिजनों के अनुसार वह काफी देर तक कुछ बोल नहीं पाईं। इसके बाद उन्होंने बेटे के शव को चुन्नी ओढ़ाई और बिना किसी को बताए अस्पताल से बाहर निकल गईं। वह देव सिंह मैदान के पास से गंगोलीहाट जा रही टैक्सी में बैठीं और करीब 30 किलोमीटर दूर घाट पुल के पास वाहन रुकवाकर पुराने पुल से सरयू नदी में छलांग लगा दी। यात्रियों और स्थानीय लोगों ने उन्हें नदी से बाहर निकाला, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी।
कोतवाल ललित मोहन जोशी ने घटना की जानकारी परिजनों को दिए जाने की पुष्टि की है। जतिन की मौत की स्पष्ट वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद सामने आएगी। स्थानीय लोगों के अनुसार छात्र को बचपन से बीमारी थी। पीएमएस डॉ. डीपी सिंह ने बताया कि छात्र का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है।
बताया गया कि पूनम ने कोविड काल में बीमारी के चलते अपनी एक बेटी को भी खो दिया था। पति कैलाश चंद्र जोशी असम राइफल्स में तैनात हैं, जबकि दूसरी बेटी दिल्ली में नौकरी करती है। कुछ वर्षों के अंतराल में बेटी और फिर बेटे की असमय मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।

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