लालकुआं। हल्दूचौड़ स्थित उत्तराखंड राज्य सहकारी संघ (यूसीएफ) के सोयाबीन एवं वनस्पति कॉम्प्लेक्स परिसर में चल रहे भवन ध्वस्तीकरण को लेकर मिल रही लगातार शिकायतों के बाद यूसीएफ के महाप्रबंधक त्रिभुवन सिंह रावत ने मौके का निरीक्षण किया। उन्होंने ध्वस्तीकरण कार्य का जायजा लेते हुए अधिकारियों से पूरे मामले की जानकारी ली और अनियमितताओं की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए विस्तृत विभागीय जांच कराने का निर्णय लिया।
महाप्रबंधक ने परियोजना प्रबंधक त्रिलोचन पाठक और अवर अभियंता मानवेंद्र सिंह को ध्वस्तीकरण कार्य की सीसीटीवी कैमरों से लगातार निगरानी करने तथा ठेकेदार से निर्धारित नियमों के अनुसार ही कार्य कराने के निर्देश दिए। उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि ध्वस्तीकरण को लेकर सामने आई शिकायतों की विभागीय स्तर पर विस्तृत जांच कराई जाएगी।
बताया जा रहा है कि ध्वस्तीकरण की आड़ में मलबे के साथ उपखनिज निकाले जाने और परिसर में जमीन की गहराई तक खुदाई किए जाने को लेकर क्षेत्रवासियों द्वारा शिकायतें की जा रही थीं। शिकायतों के बाद यूसीएफ प्रबंधन ने मामले की निगरानी बढ़ा दी है।
इधर, अवर अभियंता ने फिलहाल ध्वस्तीकरण स्थल से वाहनों की आवाजाही पर रोक लगा दी है। अब मलबे को परिसर से बाहर ले जाने से पहले उसकी जांच की जाएगी और उससे संबंधित अभिलेखों का भी मिलान किया जाएगा।
महाप्रबंधक त्रिभुवन सिंह रावत ने बताया कि प्रारंभिक जानकारी में यह बात सामने आई है कि ध्वस्तीकरण कार्य कर रहे ठेकेदार द्वारा कुछ विद्युत पोल स्क्रैप में बेच दिए गए। इस मामले में नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी और संबंधित ठेकेदार पर भारी जुर्माना लगाया जा सकता है।
इस दौरान विद्युत विभाग के उपखंड अधिकारी सौरभ जोशी और अवर अभियंता पुष्कर सिंह मेहरा ने भी मौके का निरीक्षण किया। उन्होंने यूसीएफ अधिकारियों को बताया कि गायब हुए पोल यूसीएफ के हैं, जबकि विद्युत विभाग के पोल सुरक्षित हैं।
ध्वस्तीकरण के दौरान परिसर में जमीन की गहराई तक की गई खुदाई को लेकर भी क्षेत्र में चर्चाओं का दौर जारी है। स्थानीय लोगों की शिकायतों और यूसीएफ प्रबंधन द्वारा जांच के निर्णय के बाद अब मामले की वास्तविक तस्वीर विभागीय जांच पूरी होने के बाद ही साफ हो सकेगी।
फोटो परिचय: सोयाबीन फैक्ट्री परिसर में ध्वस्तीकरण स्थल का निरीक्षण करते यूसीएफ महाप्रबंधक त्रिभुवन सिंह रावत व अन्य।




