

लालकुआं। राजकीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी चिकित्सा सेवा संघ उत्तराखंड में वित्तीय अनियमितताओं को लेकर मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। संघ के सदस्य डॉ. कपिल शर्मा द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों के बाद यह मामला मुख्यमंत्री समाधान पोर्टल तक पहुंच गया है, जहां औपचारिक शिकायत दर्ज कर कार्रवाई की मांग की गई है।
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि वर्ष 2015 से 2025 तक संघ के एक पूर्व अध्यक्ष एवं अन्य पदाधिकारियों द्वारा संघ के खाते में जमा धनराशि का कोई पारदर्शी लेखा-जोखा सदस्यों को नहीं दिया गया। इस दौरान न तो कोई आंतरिक ऑडिट कराया गया और न ही उसकी रिपोर्ट अधिवेशन में प्रस्तुत की गई।
डॉ. शर्मा ने वर्ष 2021-22 में संघ भवन निर्माण के नाम पर प्रत्येक सदस्य से 50 हजार रुपये की वसूली का मुद्दा भी उठाते हुवे बताया कि यह राशि कई जगह स्वेच्छा तो कई स्थानों पर दबाव में एकत्र की गई। विभिन्न जिलों से जुटाई गई करीब 2.5 करोड़ रुपये बताई जा रही है।
शिकायतकर्ता का कहना है कि बार-बार जानकारी मांगने के बावजूद धनराशि के उपयोग को लेकर कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया गया, बल्कि सवाल उठाने पर दबाव बनाए जाने की भी बात सामने आई है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए अब इसे मुख्यमंत्री समाधान पोर्टल पर दर्ज कर निष्पक्ष जांच की मांग की गई है। साथ ही यह भी मांग उठाई गई है कि जांच प्रक्रिया के दौरान संबंधित अधिकारी को पद से अलग रखा जाए, ताकि किसी प्रकार का प्रभाव न पड़े।
फिलहाल आयुष विभाग की ओर से इस पूरे प्रकरण पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन शिकायत के सीएम पोर्टल तक पहुंचने के बाद मामले में जांच की संभावनाएं तेज हो गई है।





