उत्तराखण्ड

पुणे में जान गंवाने वाले बिंदुखत्ता के मनीष का तीन दिन बाद शव घर पहुंचा तो मचा कोहराम…

लालकुआं। पुणे के प्रतिष्ठित होटल में मास्टरशेफ के रूप में कार्यरत बिंदुखत्ता निवासी युवक की सड़क दुर्घटना में मौत होने के उपरांत पोस्टमार्टम के पश्चात एम्बुलेंस द्वारा लगातार तीन दिन चलने के बाद शव आज घर पहुंचा तो जहां परिवार में कोहराम मच गया, वहीं पूरा गांव गमगीन हो गया। 31 वर्षीय मनीष का चित्रशिला घाट रानी बाग में दोपहर को अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें भारी संख्या में जनप्रतिनिधि और ग्रामीण मौजूद रहे।
उल्लेखनीय है कि पुणे के प्रतिष्ठित होटल में मास्टर सेफ के रूप में कार्यरत मनीष जोशी पुत्र एलडी जोशी उम्र 31 वर्ष इंदिरा नगर प्रथम बिंदुखत्ता निवासी चार दिन पूर्व पुणे के एक प्रतिष्ठित होटल में ड्यूटी पूरी कर रात को अपने कमरे में मोटरसाइकिल द्वारा जा रहा था कि इसी दौरान सड़क में एक डंपर ने उसे बुरी तरह कुचल दिया, जिसे पुणे के एक अस्पताल में ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव का पंचनामा और पोस्टमार्टम कर उसे एंबुलेंस द्वारा बिंदुखत्ता भिजवा दिया। उक्त एंबुलेंस तीन दिन बाद आज प्रातः मृतक युवक का शव उसके घर पहुंचा, तथा दोपहर को रानी बाग स्थित चित्राशिला घाट में उसका अंतिम संस्कार किया गया, मृतक मनीष पांच बहनों का इकलौता भाई था, तथा अभी तक अविवाहित था। उक्त घटना से उसके परिवार में कोहराम मचा हुआ है। परिजनॉन में बूढ़े माता-पिता उसके घर में हैं, जबकि पांचो बहनों का विवाह हो चुका है। परिजनों के मुताबिक एक सप्ताह पूर्व मनीष ने अपनी मां के अकाउंट में कुछ पैसे डाले थे और फोन कर कहा था कि वर्तमान में भीषण गर्मी चल रही है वह अपने लिए कूलर खरीद ले, साथ ही मनीष का कहना था कि अगस्त के बाद वह उत्तराखंड आ जाएगा, क्योंकि अब उत्तराखंड में भी बड़े-बड़े होटल खुल गए हैं, यहां उसे अच्छा काम मिल सकता है। परंतु इकलौते बेटे के आने के बजाय आज उसका शव एंबुलेंस में आया है, जिससे उनके सारे सपने खत्म हो गए हैं।

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