देहरादून। उत्तरकाशी के दयारा बुग्याल ट्रैक से लापता हुई रामनगर की एमबीए छात्रा बबीता पांडे का पांचवें दिन भी कोई सुराग नहीं मिल पाया है। प्रशासन, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और अन्य एजेंसियों की टीमें लगातार सर्च अभियान चला रही हैं।
उत्तरकाशी के दयारा बुग्याल ट्रेक से लापता हुई रामनगर निवासी बबीता पांडे (24) का पांचवें दिन भी पता नहीं चल पाया है। प्रशासन, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, वन विभाग और पुलिस टीमें जंगलों और ट्रेकिंग मार्गों पर सघन सर्च अभियान चला रही हैं मगर अब तक उन्हें सफलता हासिल नहीं हुई है। खोजबीन की नाकाम होती कोशिशों के गुजरते पलों के बीच घर पर बबीता का इंतजार कर रहे पिता, दादी और छोटा भाई चिंता में हैं। मां और बड़ा भाई बबीता की खोज के लिए उत्तरकाशी में है।
चिल्किया निवासी बबीता पांडेय दिल्ली से एमबीए की पढ़ाई कर रही हैं। 29 मई को वह अपने दो दोस्तों के साथ रामनगर से उत्तरकाशी के दयारा बुग्याल ट्रैक घूमने गई थी। 30 मई की रात वह गोई क्षेत्र में टेंट लगाकर रुके थे। इसके बाद बबीता रहस्यम तरीके से गायब हो गई। 31 मई को घटना की जानकारी परिजनों को मिलने के बाद भाई हर्षित और मां अंजू बेटी की खोज में दयारा बुग्याल पहुंच गए। घर में बबीता की दादी नंदी और सबसे छोटा भाई अनुज और पिता गोपाल पांडे हैं। लगातार खोजबीन के असफल प्रयासों से परिजनों की चिंता बढ़ती चली जा रही है। बबीता के पिता गोपाल दत्त पांडेय ने बताया कि उनकी बेटी ट्रैकिंग के लिए गई थी लेकिन उन्हें क्या पता था कि उसके साथ ऐसा हादसा हो जाएगा। वह हर पल बबीता की सुरक्षित वापसी की प्रार्थना कर रहे हैं। उधर बबीता के मां और भाई के उत्तरकाशी पहुंचने के बाद मामले में प्राथमिकी भी दर्ज की जा चुकी है। सीओ उत्तरकाशी के नेतृत्व में इस मामले की पूरी कार्रवाई की जा रही है।





