लालकुआं। वन अधिकार संगठन एवं पूर्व सैनिक संगठन के संयुक्त मोर्चे द्वारा बिंदुखत्ता को राजस्व गांव घोषित करने की मांग को लेकर किया जा रहा धरना बुधवार को भी जारी रहा।
शहीद स्मारक स्थल पर प्रदर्शनकारियों ने ‘जन-जन की सरकार कब आएगी बिंदुखत्ता के नारे लगाए।
इस दौरान आयोजित खुली बैठक में वन अधिकार अधिनियम (एफआरए) के तहत बिंदुखत्ता को राजस्व गांव बनाने के मुद्दे पर घंटों विस्तृत चर्चा की गयी।
स्थानीय लोगों का कहना है कि राजस्व ग्राम का दर्जा न मिलने के कारण उन्हें जमीन के कागजात, भवन निर्माण की अनुमति, सरकारी योजनाओं का लाभ और बैंक ऋण जैसी मूलभूत सुविधाओं में लगातार बाधाओं का सामना करना पड़ता है। युवा रोजगार और बुनियादी ढांचे की मांग कर रहे हैं, वहीं महिलाएं स्वास्थ्य और शिक्षा सुविधाओं की कमी पर सवाल उठा रही हैं।
इस जनआंदोलन में कई स्थानीय लोग सक्रिय रूप से भाग ले रहे हैं, जिनमें प्रमुख रूप से पूर्व मंत्री हरीश चंद्र दुर्गापाल, पूर्व विधायक नवीन दुम्का, हरेंद्र बोरा, हेमवतीनंदन दुर्गापाल, उमेश भट्ट, बीना जोशी, खिलाफ सिंह दानू, बलवंत बिष्ट, के0 प्रताप बिष्ट, नंदन बोरा, दीपक जोशी, दीपक नेगी, ललित कांडपाल, पूरन परिहार, खीम सिंह कार्की, प्रकाश उत्तराखंडी, विक्की पाठक, पुष्कर दानू, हीरा सिंह बिष्ट, चन्द्र सिंह दानू, बलवंत सम्भल, अर्जुन नाथ गोस्वामी, प्रमोद कॉलोनी, बीना जोशी, शेखर जोशी, भरत नेगी, भगवान सिंह धामी, बलवंत सिंह, संध्या डालाकोटी, वीरेंद्र दानू, पुष्कर दानू, भूतपूर्व सैनिक प्रकाश मिश्रा, प्रकाश उत्तराखंडी, गौलापार से अर्जुन बिष्ट, हेमंत बगड़वाल, नन्दन बिष्ट समेत सैकड़ों बिंदुखत्ता वासी शामिल रहे।
फोटो परिचय- बिंदुखत्ता राजस्व गांव को लेकर धरना देते ग्रामीण





