देहरादून। पाकिस्तान से करोड़ों के लेनदेन में जुड़ी देवभूमि उत्तराखंड की एक युवती को गिरफ्तार किया गया है। जम्मू कश्मीर से आई पुलिस और एसटीएफ की टीम ने लगभग ढाई घंटे की पूछताछ के बाद उक्त अध्यापिका युवती को पुलिस ने कलियर क्षेत्र के आसफनगर गांव में छापा मार कर गिरफ्तार किया है। जम्मू के कठुआ में पकड़े गए युवक की सूचना पर युवती की गिरफ्तारी हुई।
कलियर कोतवाली क्षेत्र के ग्राम आसफनगर में बुधवार तड़के जम्मू-कश्मीर पुलिस ने छापा मारा। जहां से एक युवती को पाकिस्तान के जरिए करोड़ों रुपये के ट्रांजेक्शन करने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया। मौके से नकदी बरामद नहीं हुई लेकिन बताया जा रहा है कि मामला करोड़ों रुपये के लेन-देन से जुड़ा है।
जानकारी के अनुसार, कुछ दिन पहले जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले के लखनपुर क्षेत्र की पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया था। आरोप है कि वह पाकिस्तान के माध्यम से करोड़ों रुपये के ट्रांजेक्शन करता था। पूछताछ के दौरान उसने ग्राम आसफनगर निवासी युवती का नाम बताया। इसके बाद जम्मू-कश्मीर पुलिस ने पिरान कलियर कोतवाली से संपर्क किया और स्थानीय पुलिस की मदद से आसफनगर में छापा मारा। बताया जाता है कि पुलिस को युवती की पहचान करने में करीब दो से ढाई घंटे का समय लगा। पहचान होने के बाद सोनम को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई।
अचानक हुई इस कार्रवाई से परिजन और आसपास के लोग हैरान रह गए। चर्चा है कि युवती भी पाकिस्तान के जरिए नकदी के ट्रांजेक्शन में शामिल थी। लंबी पूछताछ के बाद पुलिस ने ट्रांजिट रिमांड हासिल किया और उसे अपने साथ ले गई। घटना के बाद पूरे इलाके में चर्चाओं का बाजार गरम है।
लोग हैरान हैं कि पाकिस्तान के माध्यम से इतने बड़े स्तर पर नकदी का ट्रांजेक्शन लंबे समय से किया जा रहा था। एसएचओ कमल मोहन भंडारी ने बताया कि मामला जम्मू-कश्मीर में दर्ज मामले से संबंधित है, इसलिए स्थानीय पुलिस ने सीमित सहयोग किया। उन्होंने युवती की गिरफ्तारी की पुष्टि की है।
पता चला है कि हरिद्वार जिले के रुड़की में टीचर पाकिस्तान से करोड़ों के लेन-देन में अरेस्ट हुई है। जम्मू-कश्मीर की पुलिस रेड मारकर उसे अपने साथ ले गई। युवती पिरान कलियर की रहने वाली है और एमए की छात्रा थी और एक प्राइवेट स्कूल में पढ़ाने भी लगी थी। इस गलत काम में आने के बाद उसने पढ़ाई-लिखाई छोड़ इस धंधे को शुरू किया था। बताया जा रहा है कि हर ट्रांजेक्शन पर उसे 500 रुपए कमीशन मिलता था।





