उत्तराखण्ड

लालकुआं में महिला समेत 3 लोगों की 72 घंटे के भीतर जान लेने वाला डेढ़ दांत के टस्कर हाथी का ऐसा है स्वभाव,

लालकुआं। टांडा रेंज के जंगल में आज दोपहर को एक महिला की जान लेने वाला एवं गत रात्रि टांडा रेंज के अंतर्गत शाह पठानी गांव में दो लोगों को पांव रखकर हाथी द्वारा मारे जाने की घटना से उक्त क्षेत्र एवं निकटवर्ती गुर्जर खत्ते (चीड़ खत्ता) के सभी लोग भयभीत हैं, ग्रामीणों का कहना है कि पूरे क्षेत्र में अक्सर दिखाई देने वाला डेढ़ दांत वाला यह टस्कर हाथी अक्सर अकेले घूमता रहता है। तथा अचानक लोगों के पीछे भी दौड़ पड़ता है।
ग्रामीणों का कहना है कि उग्र स्वभाव वाले इस हाथी से सभी लोग डरते हैं, उसे जंगल में लोगों की चहल कदमी कतई पसंद नहीं है। वह तेज चिंघाड़ के साथ अक्सर जंगल में दिन में भी चहल कदमी करता रहता है। नैनीताल जनपद और उधम सिंह नगर क्षेत्र में भी यह अक्सर आवा-जाही करता रहता है, टांडा के जंगल से बरेली रोड पार करके सीमैप दवाई फॉर्म क्षेत्र में तथा लालकुआं रुद्रपुर हाईवे को पार कर पंतनगर विश्वविद्यालय क्षेत्र में भी अक्सर यह दिखाई देता है। इस टस्कर हाथी की धमक से ग्रामीणों में भय तो था लेकिन उन्हें यह यकीन नहीं था कि यह हाथी सो रहे दो लोगों की निर्मम हत्या कर देगा।
सदैव जंगली जानवरों के साथ रहने वाले शाह पठानी एवं चीड़ खत्ता के ग्रामीणों में अब जंगली जानवरों के हमले का भय सताने लगा है, उनका कहना है कि वह 100 साल से भी अधिक समय से उक्त खत्तों में निवास कर रहे हैं, आज तक जंगली जानवरों के साथ उनका टकराव नहीं हुआ, यहां तक कि जंगली जानवर उनके झाले में स्थित पानी की डिग्गी में पानी पीकर चले जाते हैं। परंतु आज की घटना ने उन्हें पूरी तरह डरा कर रख दिया है, क्योंकि हमलावर टस्कर हाथी अब ग्रामीणों की जान का दुश्मन बन बैठा है, तथा अचानक घरों में हमला करने लगा है। उन्होंने वन विभाग के अधिकारियों से उक्त हाथी से बचाव की मांग की है।

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