लालकुआं। बिंदुखत्ता को राजस्व गांव का दर्जा दिए जाने की मांग को लेकर इंडिया गठबंधन के नेताओं ने हल्द्वानी जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर डीएम ललित मोहन रयाल को ज्ञापन सौंपा। नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि सितंबर माह के भीतर शासन स्तर से ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो अक्टूबर से जनसहयोग के साथ क्रमिक अनशन शुरू किया जाएगा।
ज्ञापन में कहा गया कि बिंदुखत्ता क्षेत्र में लोग आजादी से पहले से निवास कर रहे हैं, जिसका प्रमाण अंग्रेजी शासनकाल के अभिलेखों में भी मिलता है। इसके बावजूद क्षेत्रवासी दशकों से मूलभूत अधिकारों और राजस्व गांव के दर्जे के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
बिंदुखत्ता संघर्ष समिति के नेतृत्व में 18 फरवरी 2026 को लालकुआं में हजारों ग्रामीणों ने विशाल प्रदर्शन किया था। उस दौरान जिला प्रशासन ने शीघ्र कार्रवाई का आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक अपेक्षित प्रगति न होने से क्षेत्रवासियों में नाराजगी बढ़ रही है।
इंडिया गठबंधन ने प्रशासन से बिंदुखत्ता को राजस्व गांव का दर्जा देने की प्रक्रिया समयबद्ध तरीके से पूरी करने की मांग की। साथ ही कहा कि मांग पूरी नहीं होने पर कांग्रेस, भाकपा (माले) और सहयोगी संगठन जनता के साथ मिलकर व्यापक आंदोलन करेंगे।
इस दौरान कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष प्रदीप बथ्याल, प्रकाश कापड़ी, कुंदन सिंह मेहता, राजेन्द्र सिंह खनवाल, गुरदयाल सिंह मेहरा, मीना कपिल समेत बड़ी संख्या में कांग्रेस व भाकपा (माले) कार्यकर्ता मौजूद रहे।
फोटो परिचय- जिलाधिकारी से वार्ता करते बिंदुखत्तावासी




