उत्तराखण्ड

लालकुआं के दलित कार्यकर्ता के घर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की चाय बनी चर्चा का केंद्र… देखें वीडियो,

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लालकुआं। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के अचानक मोटाहल्दू के जयपुर वीसा गांव पहुंचकर दलित बूथ अध्यक्ष के घर चाय पीने से क्षेत्र की सियासत में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष का एक सामान्य कार्यकर्ता के घर पहुंचना और परिवार के साथ आत्मीयता से समय बिताना क्षेत्रवासियों के लिए खासा चर्चा का विषय बन गया।
नितिन नवीन गुरुवार को बेरीपड़ाव स्थित प्रसिद्ध अष्टादश भुजा महालक्ष्मी मंदिर में पूजा-अर्चना करने पहुंचे थे। मंदिर में पूजा करने के बाद लौटते समय उन्होंने अचानक अपना काफिला मोटाहल्दू के जयपुर वीसा गांव की ओर मोड़ दिया और भाजपा बूथ संख्या-17 के अध्यक्ष राकेश कुमार आर्य के घर पहुंच गए। राष्ट्रीय अध्यक्ष के अचानक घर पहुंचने से राकेश आर्य और उनके परिजन भी एकबारगी आश्चर्यचकित रह गए।
नितिन नवीन के साथ मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट, क्षेत्रीय सांसद अजय भट्ट, कैबिनेट मंत्री राम सिंह कैड़ा समेत पार्टी के तमाम वरिष्ठ नेता एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे। राष्ट्रीय अध्यक्ष ने राकेश कुमार आर्य के परिजनों से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना और काफी आत्मीयता के साथ बातचीत की। इस दौरान उन्होंने परिवार के सदस्यों के साथ फोटो भी खिंचवाई तथा घर पर चाय पी।
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष का बूथ अध्यक्ष जैसे जमीनी कार्यकर्ता के घर पहुंचना पार्टी संगठन के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। खासतौर पर दलित समाज से आने वाले बूथ अध्यक्ष के घर जाकर चाय पीने और परिवार के साथ संवाद करने को भाजपा की जमीनी राजनीति और सामाजिक समरसता से जोड़कर देखा जा रहा है। इससे पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच भी उत्साह का माहौल देखने को मिला।
राजनीतिक जानकारों की नजर में नितिन नवीन का यह दौरा महज एक कार्यकर्ता के घर अचानक पहुंचने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके व्यापक राजनीतिक संदेश भी निकाले जा रहे हैं। भाजपा लंबे समय से बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं को संगठन की रीढ़ मानती रही है। ऐसे में राष्ट्रीय अध्यक्ष द्वारा सीधे बूथ अध्यक्ष के घर पहुंचकर कार्यकर्ता और उसके परिवार के साथ समय बिताना संगठन में जमीनी कार्यकर्ताओं के महत्व को भी रेखांकित करता है।
वहीं, प्रदेश की मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों के बीच इस मुलाकात को दलित समाज तक सकारात्मक संदेश पहुंचाने की कवायद के रूप में भी देखा जा रहा है। उल्लेखनीय है कि कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के हल्द्वानी रामलीला मैदान में आयोजित कार्यक्रम के बाद मैदान में हवन-यज्ञ के जरिए कथित शुद्धिकरण किए जाने का मामला पिछले दिनों राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में रहा। कांग्रेस ने इस घटना को दलित समाज के अपमान से जोड़ते हुए इसे संसद में भी उठाया था। इसके बाद से भाजपा और कांग्रेस के बीच इस मुद्दे को लेकर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है।
ऐसे समय में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष का लालकुआं विधानसभा क्षेत्र में आना और एक दलित बूथ अध्यक्ष के घर जाकर चाय पीना राजनीतिक रूप से खासा महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इसे भाजपा की ओर से सामाजिक समरसता और दलित समाज के प्रति सम्मान का संदेश देने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।
नितिन नवीन के इस अप्रत्याशित दौरे की खबर फैलते ही क्षेत्र में राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गईं। भाजपा कार्यकर्ताओं ने इसे राष्ट्रीय अध्यक्ष की सहजता, कार्यकर्ताओं के प्रति सम्मान और संगठन की जमीनी मजबूती का उदाहरण बताया। वहीं राजनीतिक गलियारों में इसे आगामी चुनावी तैयारियों और विभिन्न सामाजिक वर्गों के बीच पार्टी की पकड़ मजबूत करने की रणनीति से जोड़कर भी देखा जा रहा है।
कुल मिलाकर, मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष का सीधे एक दलित बूथ अध्यक्ष के घर पहुंचना, चाय पीना और परिवार से आत्मीय मुलाकात करना लालकुआं क्षेत्र की राजनीति में दिनभर चर्चा का विषय बना रहा। राष्ट्रीय अध्यक्ष के इस छोटे से दौरे ने जहां बूथ अध्यक्ष राकेश कुमार आर्य के परिवार को खासा उत्साहित किया, वहीं इसके राजनीतिक संदेश को लेकर क्षेत्र में चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है।

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