उत्तराखण्ड

लालकुआं भाजपा में टिकट को लेकर घमासान के आसार, आठ दावेदारों की चर्चा; इन छह ने ठोकी ताल,

लालकुआं। उत्तराखंड विधानसभा चुनाव की रणभेरी भले ही अभी नहीं बजी हो, लेकिन लालकुआं विधानसभा सीट पर भाजपा के भीतर टिकट की सियासी बिसात बिछनी शुरू हो गई है। चुनाव में अभी वक्त है, मगर दावेदारों की सक्रियता ने पार्टी के अंदर राजनीतिक सरगर्मियां तेज कर दी हैं। आलम यह है कि टिकट की दौड़ में आठ नामों की चर्चा है, छह नेताओं ने रायशुमारी में पहुंचकर चुनाव लड़ने की इच्छा जता दी, जबकि मौजूदा विधायक डॉ. मोहन सिंह बिष्ट की गैरमौजूदगी ने राजनीतिक गलियारों में कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
मंगलवार को हल्द्वानी स्थित भाजपा के कुमाऊं संभाग कार्यालय में प्रदेश कोर कमेटी के सदस्य एवं कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक ने लालकुआं विधानसभा क्षेत्र के संभावित दावेदारों से रायशुमारी की। इस दौरान वर्तमान विधायक डॉ. मोहन सिंह बिष्ट, पूर्व विधायक नवीन दुम्का, उमेश शर्मा, कमलेश चंदोला, दीपेंद्र कोश्यारी, देवेंद्र सिंह बिष्ट, मुकेश बेलवाल और कमल मुनि को आमंत्रित किया गया था। इनमें छह नेता रायशुमारी में पहुंचे और उन्होंने चुनाव लड़ने की इच्छा जाहिर करते हुए अपनी दावेदारी रखी। मौजूदा विधायक डॉ. मोहन सिंह बिष्ट और कमलेश चंदोला निजी कारणों से बैठक में शामिल नहीं हुए।
इस रायशुमारी में सबसे ज्यादा निगाहें युवा भाजपा नेता दीपेंद्र कोश्यारी और गौलापार क्षेत्र के सक्रिय नेता मुकेश बेलवाल पर रहीं। दोनों की सक्रियता ने टिकट को लेकर चल रही चर्चाओं को और हवा दे दी है। वहीं पूर्व विधायक नवीन दुम्का की मौजूदगी ने भी साफ कर दिया कि लालकुआं सीट पर पुराने और नए चेहरों के बीच दावेदारी का सिलसिला शुरू हो चुका है। उमेश शर्मा, देवेंद्र सिंह बिष्ट और कमल मुनि ने भी अपनी चुनावी मंशा सामने रखी।
दूसरी ओर, मौजूदा विधायक डॉ. मोहन सिंह बिष्ट का रायशुमारी में शामिल नहीं होना चर्चा का प्रमुख विषय बना रहा। हालांकि उनकी अनुपस्थिति का कारण निजी बताया गया है, लेकिन चुनाव से पहले टिकट के संभावित दावेदारों की इस कवायद में विधायक की गैरमौजूदगी को लेकर राजनीतिक चर्चाएं होना स्वाभाविक है। उधर भाजपा युवा मोर्चा के प्रदेश महामंत्री दीपेंद्र कोश्यारी और हिंदूवादी नेता कमल मुनि की सक्रियता और अन्य नेताओं की दावेदारी ने टिकट के समीकरणों को लेकर अटकलों का दौर तेज कर दिया है।
हालांकि भाजपा की ओर से इस प्रक्रिया को टिकट वितरण की कवायद मानने से इनकार किया जा रहा है। कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक के अनुसार संगठन जनता की राय, विधानसभा क्षेत्र में पार्टी की स्थिति और आगामी चुनाव की रणनीति को लेकर फीडबैक जुटा रहा है। इसके बावजूद संभावित प्रत्याशियों को बुलाकर चुनाव लड़ने की इच्छा जानने की प्रक्रिया ने सियासी चर्चाओं को गर्म कर दिया है।
फिलहाल लालकुआं भाजपा में आठ नामों की चर्चा और छह नेताओं की सक्रिय दावेदारी ने चुनाव से पहले ही राजनीतिक माहौल गरमा दिया है। अब सबकी निगाहें प्रदेश नेतृत्व के अगले कदम पर रहेंगी। मौजूदा विधायक की दावेदारी, दीपेंद्र कोश्यारी और मुकेश बेलवाल की सक्रियता के बीच पार्टी किसे आगे बढ़ाती है, यह आने वाला समय बताएगा। इतना जरूर है कि विधानसभा चुनाव से पहले ही लालकुआं भाजपा में टिकट को लेकर सियासी हलचल शुरू हो चुकी है।

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