हल्द्वानी। रुड़की के होटल में मृत मिले जवान कमलदीप दसौनी का शव लाने जा रहे उनके भाई अशोक दसौनी की कार बाजपुर मार्ग में मोटेश्वर महादेव मंदिर के पास कार अनियंत्रित होकर पलट कर जंगल में जा घुसी। हादसे में कार सवार दो लोग बाल बाल बचे।
एसआई जयबीर सिंह ने बताया कि बुधवार दोपहर करीब तीन बजे हल्द्वानी निवासी 58 वर्षीय जगदीश चंद्र जोशी और 40 वर्षीय अशोक दसौनी कार से हल्द्वानी से रुड़की जा
रहे थे। मोटेश्वर महादेव मंदिर के पास यह हादसा हुआ। कार जगदीश चला रहे थे। एसआई ने बताया कि पूछताछ में पता चला कि अशोक अपने भाई का शव लेने रुड़की जा रहे थे। हादसे के बाद वह दूसरी कार से रवाना हुए।
उल्लेखनीय है कि दसौनी परिवार गंगोलीहाट के प्रतिष्ठित परिवारों में माना जाता है। कमलदीप के पिता भी भारतीय सेना में थे। तीन भाइयों में कमलदीप सबसे बड़े थे। उनके मंझले भाई अशोक दसौनी भी सेना में कार्यरत हैं। अशोक परिवार का हल्द्वानी में ब्लॉक स्थित गौड़धड़ा क्षेत्र में रहता है। पारिवारिक मित्र जगदीश चंद्र जोशी ने बताया कि कमलदीप बेहद सरल, मिलनसार और शांत स्वभाव के व्यक्ति थे। कमलदीप की पत्नी, एक बेटा और एक बेटी गंगोलीहाट में निवास करते हैं।
उधर रुड़की में जवान की मौत की सूचना पर सेना की एक टीम भी मौके पर पहुंची और पुलिस के साथ घटनास्थल का निरीक्षण किया। फॉरेंसिक टीम ने भी साक्ष्य एकत्र किए। वहीं, जांच के दौरान मृतक के मोबाइल पर एक परिचित की कॉल आने पर पुलिस ने उन्हें घटना की जानकारी दी। जिसके बाद परिजनों तक भी सूचना पहुंचाई गई। एसपी देहात शेखर चंद्र सुयाल ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक जांच के आधार पर ही मौत के कारणों का स्पष्ट पता चल सकेगा।
परिजनों के अनुसार कमलदीप दसौनी करीब छह माह पहले ही लेह-लद्दाख से स्थानांतरित होकर रुड़की स्थित बंगाल इंजीनियर ग्रुप (बीईजी) सेंटर में तैनात हुए थे। वह नियमित रूप से परिवार के संपर्क में रहते थे। उन्होंने किसी तरह की परेशानी का जिक्र नहीं किया था। ऐसे में उनके अचानक निधन की खबर ने सभी को स्तब्ध कर दिया।
विदित रहे कि रुड़की में रोडवेज बस अड्डे के पास एक होटल में हल्द्वानी के सैनिक का शव संदिग्ध हालात में मिला। सूचना के बाद पहुंची पुलिस ने होटल का कमरा खुलवाया और सेना के अधिकारियों को सूचना दी।
सिविल लाइंस कोतवाली पुलिसके अनुसार 40 वर्षीय कमलदीप सिंह पुत्र बहादुर सिंह निवासी जीआईसी गेट, गंगोलीहाट और हाल निवासी गौड़धड़ा, हल्द्वानी की तैनाती बंगाल में थी। वह किसी काम से बीईजी रुड़की में आया था। वह 14 जून से होटल में ठहरे थे। बुधवार सुबह सैनिक का कमरा नहीं खुला तो होटल कर्मियों को शक हुआ और उन्होंने पुलिस को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची और दूसरी चाबी से कमरे का दरवाजा खोला। पुलिस ने कमरे की तलाशी ली तो उनके पास सेना का पहचान पत्र और अन्य दस्तावेज मिले। पुलिस ने
मोबाइल की जांच का प्रयास किया लेकिन पैटर्न लॉक होने के कारण परिजनों से संपर्क नहीं हो सका। सेना की एक टीम भी मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। जांच के दौरान मृतक के मोबाइल पर एक परिचित की कॉल आने पर पुलिस ने घटना की जानकारी परिजनों को दी।
एसपी देहात शेखर चंद्र सुयाल ने बताया कि फिलहाल प्रथम दृष्टया किसी नतीजे पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक जांच के आधार पर मौत के कारणों का पता चल पायेगा। कमरे से सुसाइड नोट या जहर नहीं मिला है। पुलिस होटल के आसपास के सीसीटीवी खंगाल रही है।





