बागेश्वर। पहाड़ की शांत वादियों में एक सनसनीखेज हत्याकांड ने पूरे जिले को झकझोर कर रख दिया है। 17 अक्टूबर से लापता चल रहे जनपद के वरिष्ठ अधिवक्ता एवं पूर्व सभासद धीरेंद्र परिहार का शव गोमती नदी किनारे बरामद होने से इलाके में हड़कंप मच गया। पुलिस ने इस मामले में हिरासत में लिए गए दो संदिग्धों की निशानदेही पर शव बरामद किया है। इनमें एक महिला भी शामिल बताई जा रही है। अधिवक्ता की हत्या की खबर से क्षेत्र में शोक और आक्रोश का माहौल है।
पुलिस के अनुसार, संदिग्धों से पूछताछ के दौरान मिले सुरागों के आधार पर नगर के सेम मंदिर वार्ड की सीमा से लगे थुणाई क्षेत्र में गोमती नदी किनारे तलाश अभियान चलाया गया। इसी दौरान पुलिस को नदी किनारे धीरेंद्र परिहार का शव बरामद हुआ। शव मिलने की खबर फैलते ही मौके पर लोगों की भारी भीड़ जुट गई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
बताया जा रहा है कि धीरेंद्र परिहार 17 अक्टूबर से लापता थे। उनके अचानक गायब होने के बाद परिजन लगातार उनकी तलाश कर रहे थे। बताया जाता है कि वह कभी-कभी बिना बताए घर से चले जाते थे और कुछ दिनों बाद वापस लौट आते थे। इसी वजह से शुरुआत में परिजनों को उनके लौटने की उम्मीद थी, लेकिन 14 दिन तक कोई सुराग नहीं मिलने पर 31 अक्टूबर को पुलिस में उनकी गुमशुदगी दर्ज कराई गई। इसके बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए विभिन्न पहलुओं पर जांच शुरू की।
जांच के दौरान पुलिस के हाथ कुछ अहम सुराग लगे, जिसके बाद दो संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। पूछताछ में मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने उनकी निशानदेही पर शव बरामद कर लिया। फिलहाल पुलिस हत्या के पीछे की वजह, वारदात की परिस्थितियों और इसमें अन्य लोगों की संभावित संलिप्तता की पड़ताल में जुटी है।
पहाड़ की शांत फिजाओं में हुए इस जघन्य हत्याकांड से अधिवक्ताओं, जनप्रतिनिधियों और स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। लोगों ने पुलिस से मामले का शीघ्र खुलासा करने और हत्या में शामिल सभी आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। पुलिस का कहना है कि उपलब्ध साक्ष्यों और संदिग्धों से पूछताछ के आधार पर मामले की हर कड़ी को जोड़कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।



