उत्तराखण्ड

शिक्षा मंत्री के ससुराल के स्कूल बदहाल, चेयरमैन बोले- हमें गोद दे दीजिए

लालकुआं। उत्तराखंड के विद्यालयी शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत के ससुराल से जुड़े सरकारी विद्यालयों की बदहाल तस्वीर एक बार फिर सुर्खियों में है। नगर पंचायत अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह लोटनी ने शिक्षा मंत्री से राजकीय कन्या उच्च प्राथमिक विद्यालय और राजकीय प्राथमिक विद्यालय ग्राम को नगर पंचायत को गोद देकर उनके पुनर्निर्माण की अनुमति देने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि सरकार अनुमति दे दे, तो नगर पंचायत अपने संसाधनों से इन विद्यालयों की सूरत बदलने को तैयार है।
नगर पंचायत अध्यक्ष द्वारा शिक्षा मंत्री को भेजे गए पत्र में बताया गया है कि दोनों विद्यालय एक ही परिसर में संचालित हो रहे हैं, लेकिन अव्यवस्थित निर्माण के कारण करीब चार बीघा परिसर पूरी तरह बिखरा हुआ है। हालात ऐसे हैं कि बच्चों के खेलने तक के लिए पर्याप्त मैदान नहीं बचा है, जबकि खेल उनके शारीरिक और मानसिक विकास का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
पत्र में सुझाव दिया गया है कि कक्षा 6 से 8 तक संचालित कन्या उच्च प्राथमिक विद्यालय को मात्र 50 मीटर दूर स्थित राजकीय कन्या इंटर कॉलेज में समाहित कर दिया जाए। इससे प्राथमिक विद्यालय के बच्चों के लिए पर्याप्त जगह उपलब्ध होगी और एक सुव्यवस्थित परिसर के साथ खेल मैदान भी विकसित किया जा सकेगा।
सुरेंद्र सिंह लोटनी ने कहा कि पुनर्निर्माण का पूरा खर्च नगर पंचायत स्वयं एवं अन्य माध्यमों से उठाने को तैयार है। भूमि शिक्षा विभाग की ही रहेगी, लेकिन विद्यालयों का स्वरूप पूरी तरह बदल जाएगा। इस संबंध में जिलाधिकारी नैनीताल को भी पत्र भेजा गया है।
उन्होंने बताया कि 16 जनवरी 2026 को शिक्षा मंत्री को भेजे गए पत्र का जवाब 28 अप्रैल 2026 को मिला था। मंत्री ने सचिव विद्यालयी शिक्षा और महानिदेशक विद्यालयी शिक्षा को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश भी दिए, लेकिन तीन महीने से अधिक समय बीत जाने के बाद भी धरातल पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।
नगर पंचायत अध्यक्ष का कहना है कि उन्होंने कई बार शासन और जिला प्रशासन को भी इस संबंध में पत्र भेजे, लेकिन अब तक कोई पहल नहीं हुई। उनका मानना है कि यदि सरकार उनके प्रस्ताव पर अमल करती है तो दोनों विद्यालय आधुनिक सुविधाओं से लैस होंगे और बच्चों को बेहतर शिक्षण वातावरण के साथ बड़ा खेल मैदान भी मिलेगा।
गौरतलब है कि शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत का लालकुआं में ससुराल है और उनकी धर्मपत्नी ने भी इसी विद्यालय से शिक्षा प्राप्त की है। ऐसे में अब स्थानीय लोगों की निगाहें शिक्षा मंत्री पर टिकी हैं कि आखिर उनके ससुराल के इन बदहाल विद्यालयों की तस्वीर कब बदलेगी।

To Top