उत्तराखण्ड

दुःख की घड़ी में मानवता की मिसाल: शुभम अंडोला की पहल पर पीड़ित परिवार के लिए जुटी साढ़े 6 लाख की सहायता,

लालकुआं। गौलापार में पानी की टंकी में डूबने से मां और उसके दो जवान बेटों की दर्दनाक मौत ने पूरे क्षेत्र को गहरे सदमे में डाल दिया। इस हृदयविदारक हादसे के बाद पीड़ित परिवार के आंसू पोंछने के लिए हल्दूचौड़ के समाजसेवी शुभम अंडोला ने जो पहल की, वह आज मानवता और सामाजिक एकजुटता की प्रेरणादायक मिसाल बन गई है। उनकी अपील पर अब तक साढ़े छह लाख रुपये की आर्थिक सहायता पीड़ित परिवार के लिए एकत्र हो चुकी है।
शुभम अंडोला ने सबसे पहले स्वयं दो लाख रुपये की सहायता देने की घोषणा करते हुए समाज के सक्षम लोगों से भी आगे आने की अपील की थी। उनकी इस संवेदनशील पहल का व्यापक असर देखने को मिला और देखते ही देखते क्षेत्र के लोग अपनी-अपनी सामर्थ्य के अनुसार सहयोग के लिए आगे आने लगे। किसी ने आर्थिक मदद की तो किसी ने परिवार के दुख में सहभागी बनकर उनका हौसला बढ़ाया।
मदद का यह सिलसिला लगातार जारी है। इसी क्रम में गुरुवार को हल्दूचौड़ स्थित हरमेल गार्मेंट्स के स्वामी भुवन चंद्र जोशी ने अपने परिवार की ओर से पीड़ित परिवार को 11 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की।
समाज के विभिन्न वर्गों से मिल रहे सहयोग ने यह साबित कर दिया है कि जब समाज एकजुट होकर किसी जरूरतमंद के साथ खड़ा होता है, तो सबसे बड़ा दुख भी कुछ हद तक हल्का महसूस होने लगता है। गौलापार की यह त्रासदी भले ही कभी भुलाई नहीं जा सकेगी, लेकिन इस दर्द के बीच मानवता, संवेदनशीलता और सहयोग की जो मिसाल सामने आई है, उसने पीड़ित परिवार को नया संबल देने का काम किया है।
एक व्यक्ति की अपील से शुरू हुई यह मुहिम अब जनसहयोग का बड़ा अभियान बन चुकी है। लगातार बढ़ती मदद न केवल पीड़ित परिवार के लिए सहारा बन रही है, बल्कि समाज में आपसी भाईचारे और संवेदनशीलता का भी मजबूत संदेश दे रही है।
फोटो परिचय: समाजसेवी शुभम अंडोला पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता का चेक सौंपते हुए।

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