उत्तराखण्ड

उत्तराखंड में सोलर प्लांट लगाने की एवज में इस अधिकारी ने मांगे 40 हजार… विजिलेंस ने रंगे हाथों दबोचा…

देवभूमि उत्तराखंड में भ्रष्टाचार के मामले तेजी के साथ बढ़ते जा रहे हैं, इसके साथ ही विजिलेंस की टीम भी लगातार ऐसे कर्मचारी एवं अधिकारियों को रंगे हाथों दबोच कर सलाखों के पीछे पहुंचा रही है, भ्रष्टाचार के खिलाफ विजिलेंस ने एक और बड़ी कार्रवाई करते हुए बागेश्वर जिले में उत्तराखंड अक्षय ऊर्जा विकास एजेंसी यानी उरेडा के परियोजना अधिकारी को 40 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। विजिलेंस की इस कार्रवाई के बाद पूरे कुमाऊं मंडल के सरकारी कार्यालयों में हड़कंप की स्थिति है।
सतर्कता अधिष्ठान के अनुसार एक जागरूक नागरिक ने विजिलेंस में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायतकर्ता ने बताया कि बागेश्वर स्थित उरेडा कार्यालय में उसके सोलर प्लांट से जुड़ी JIR फाइलें काफी समय से लंबित पड़ी हैं। इन फाइलों को आगे बढ़ाने के लिए कार्यालय के परियोजना अधिकारी धीरेंद्र पटवाल की ओर से प्रति फाइल 10 से 15 हजार रुपये की रिश्वत मांगी जा रही है। शिकायतकर्ता ने बताया कि उसकी कुल 4 फाइलें अटकी हुई हैं और उन्हें क्लियर कराने के लिए उससे 40 हजार रुपये की मांग की जा रही है।
शिकायतकर्ता ने रिश्वत देने से इनकार करते हुए ऐसे भ्रष्ट अधिकारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। शिकायत मिलने के बाद विजिलेंस ने मामले की पुष्टि की और जाल बिछाकर कार्रवाई को अंजाम दिया। तय योजना के अनुसार जैसे ही परियोजना अधिकारी धीरेंद्र पटवाल ने 40 हजार रुपये की रिश्वत ली, विजिलेंस की टीम ने उसे रंगे हाथ दबोच लिया।
इस गिरफ्तारी के बाद उरेडा कार्यालय समेत पूरे बागेश्वर जिले में हड़कंप मच गया है। अधिकारियों और कर्मचारियों में इस कार्रवाई को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हैं। फिलहाल विजिलेंस आरोपी से पूछताछ कर रही है और मामले की गहराई से जांच की जा रही है। विभाग ने साफ किया है कि भ्रष्टाचार में संलिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।

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