देहरादून। उत्तराखंड शासन ने वन विभाग में बड़े प्रशासनिक फेरबदल को अमलीजामा पहनाते हुए भारतीय वन सेवा (IFS) के अधिकारियों के व्यापक तबादले कर दिए हैं। शासन के वन अनुभाग-1 द्वारा जारी आदेश के अनुसार जनहित में तत्काल प्रभाव से उप वन संरक्षक (DCF) स्तर के 19 भारतीय वन सेवा अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। इसके साथ ही वन मुख्यालय से लेकर विभिन्न वन वृत्तों और फील्ड इकाइयों तक कई वरिष्ठ अधिकारियों के दायित्वों में भी महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। शासन के सचिव सी. रविशंकर की ओर से जारी इस आदेश को वन विभाग में लंबे समय से लंबित प्रशासनिक पुनर्संरचना के रूप में देखा जा रहा है।
बताया जा रहा है कि सिविल सर्विस बोर्ड की बैठक के बाद इन तबादलों को लेकर लंबे समय से इंतजार किया जा रहा था। मुख्यमंत्री की मंजूरी मिलने के बाद आखिरकार तबादला सूची जारी कर दी गई। इस फेरबदल का उद्देश्य विभागीय कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी बनाना, वन संरक्षण, वन्यजीव प्रबंधन और विकास योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन के साथ प्रशासनिक दक्षता को मजबूत करना माना जा रहा है।
तबादला सूची में केवल डीएफओ स्तर के अधिकारियों की तैनाती ही नहीं बदली गई है, बल्कि वन मुख्यालय में भी कई वरिष्ठ अधिकारियों की जिम्मेदारियों का पुनर्विन्यास किया गया है। प्रमुख वन संरक्षक (HOFF) कपिल लाल से कैंपा (CAMPA) का प्रभार वापस ले लिया गया है। वहीं पीसीसीएफ नीना ग्रेवाल को प्रमुख वन संरक्षक (वन्यजीव) के साथ-साथ प्रबंध निदेशक, उत्तराखंड वन विकास निगम की अतिरिक्त जिम्मेदारी पूर्ववत सौंपी गई है।
इसी क्रम में अपर प्रमुख वन संरक्षक (APCCF) बी.के. गांगटे को कैंपा की जिम्मेदारी दी गई है। इसके अलावा उन्हें वन अनुसंधान एवं प्रशिक्षण का दायित्व भी सौंपा गया है। सुरेंद्र मेहरा को नियोजन के साथ सतर्कता एवं विधि प्रकोष्ठ का अतिरिक्त कार्यभार दिया गया है। वहीं सीसीएफ पराग मधुकर से वन पंचायत का प्रभार वापस लेते हुए यह जिम्मेदारी सुशांत कुमार पटनायक को अतिरिक्त रूप से सौंपी गई है। वन संरक्षक चंद्रशेखर सनवाल को नोडल कार्यालय की जिम्मेदारी दी गई है, जबकि नीतू लक्ष्मी से यमुना वृत्त का प्रभार हटाकर उन्हें अपर सचिव, वन विभाग बनाया गया है। उनकी जगह कल्याणी को पुनः यमुना वृत्त की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
डीएफओ स्तर पर भी बड़े पैमाने पर बदलाव किए गए हैं। मसूरी वन प्रभाग के उप वन संरक्षक अमित कंवर को चकराता वन प्रभाग (कालसी) भेजा गया है। चकराता के डीएफओ वैभव कुमार सिंह को देहरादून वन प्रभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई है, जबकि देहरादून के डीएफओ नीरज कुमार को उत्तराखंड वन विकास निगम में प्रभारी क्षेत्रीय प्रबंधक के रूप में प्रतिनियुक्ति पर भेजा गया है।
तराई पूर्वी वन प्रभाग के डीएफओ हिमांशु वागड़ी को टिहरी वन प्रभाग की कमान सौंपी गई है। अल्मोड़ा के डीएफओ दीपक सिंह को तराई पूर्वी वन प्रभाग (हल्द्वानी) भेजा गया है। पिथौरागढ़ के डीएफओ आशुतोष सिंह को टोंस वन प्रभाग (पुरोला) की जिम्मेदारी मिली है, जबकि टिहरी के डीएफओ पुनीत तोमर को तराई पश्चिमी वन प्रभाग (रामनगर) का उप वन संरक्षक बनाया गया है।
लैंसडौन वन प्रभाग से जीवन मोहन दगाडे को उत्तरकाशी वन प्रभाग भेजा गया है। नंदा देवी राष्ट्रीय पार्क के उप वन संरक्षक अभिमन्यु को अल्मोड़ा वन प्रभाग की जिम्मेदारी दी गई है। बागेश्वर के डीएफओ आदित्य रत्न को पिथौरागढ़ वन प्रभाग भेजा गया है, जबकि रुद्रप्रयाग के डीएफओ रजत सुमन को केदारनाथ वन प्रभाग की कमान सौंपी गई है। नोडल कार्यालय में कार्यरत प्रणाली रमेश को बद्रीनाथ वन प्रभाग का उप वन संरक्षक नियुक्त किया गया है।
इसके अलावा प्रकाश चन्द्र आर्य को तराई पश्चिमी वन प्रभाग से बागेश्वर भेजा गया है। देवी प्रसाद बलूनी को उत्तरकाशी से मसूरी वन प्रभाग की जिम्मेदारी दी गई है। वर्ष 2024 बैच के आईएफएस अधिकारियों में पंडित शिरीन संजय को राजाजी राष्ट्रीय पार्क में उप निदेशक नियुक्त किया गया है। विनीत कुमार को रुद्रप्रयाग, ढिनो पुरुषोत्तमन को चम्पावत, गौरव वर्मा को लैंसडौन वन प्रभाग तथा यश ढोबले को नंदा देवी राष्ट्रीय पार्क (जोशीमठ) में उप वन संरक्षक के पद पर तैनाती दी गई है।
वन विभाग में हुए इस व्यापक प्रशासनिक फेरबदल को विभागीय कार्यों में नई ऊर्जा और बेहतर समन्वय स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। नई तैनातियों के बाद संबंधित अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से अपना कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश भी जारी कर दिए गए हैं।





